Leopard: बिजनौर से लाकर चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा गया नर गुलदार, रेस्क्यू के बाद पुनर्वास
अधिकारियों ने बताया कि गुलदार की गतिविधियों पर ड्रोन और कैमरा ट्रैप के माध्यम से सतत नजर रखी जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह अपने नए आवास में सहजता से ढल सके।
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Leopard Terror: बिजनौर वन प्रभाग की कौड़िया रेंज से रेस्क्यू किए गए नर गुलदार को सोमवार को चंद्रप्रभा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। कुछ दिन पूर्व यह गुलदार गांव के पास भटकता दिखाई दिया था।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित पकड़ा और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए रेस्क्यू सेंटर में रखा। विशेषज्ञों की देखरेख में हुए परीक्षण के बाद पाया गया कि गुलदार पूरी तरह स्वस्थ है और जंगल में छोड़े जाने के लिए उपयुक्त है।
वन अधिकारियों की सख्त निगरानी में रिहाई
गुलदार को चंद्रप्रभा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के राजदरी क्षेत्र में वन विभाग की सख्त निगरानी में छोड़ा गया। रिहाई के दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी चंद्रप्रभा सहित वनकर्मियों की टीम मौजूद रही। विभाग ने विशेष पिंजरे के माध्यम से गुलदार को जंगल के भीतर छोड़ा, ताकि उसे किसी प्रकार का तनाव न हो और वह सहजता से अपने प्राकृतिक वातावरण में लौट सके।
अधिकारियों के अनुसार, गुलदार की उम्र लगभग तीन से चार वर्ष है और सैंक्चुअरी का वातावरण उसके लिए पूर्णतः अनुकूल रहेगा। वन विभाग के अधिकारियों ने सैंक्चुअरी से सटे गांवों के निवासियों से अपील की है कि वे सैंक्चुअरी क्षेत्र में प्रवेश न करें और जंगली जीवों से दूरी बनाए रखें। विभाग ने स्पष्ट किया कि वन्य जीवों की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के लिए यह आवश्यक है कि उनके क्षेत्र में अनावश्यक मानवीय हस्तक्षेप न हो।