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लाल कॉलोनी पूरी तरह एनडीआरएफ के हवाले
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पीडीडीयू नगर/ पड़ाव । पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर तहसील अंतर्गत साहुपुरी में मजदूरों की लाल कॉलोनी को पूरी तरह एनडीआरएफ के हवाले कर दिया गया। बुधवार को एसडीएम राम्या आर ने राजस्व अधिकारियों के साथ कॉलोनी में पहुंच कर पुलिस की मदद से वहां रह रहे सभी लोगों को हटा दिया। इसके बाद कॉलोनी के सभी क्वार्टर और जमीन के कागजात एनडीआरएफ के अधिकारियों को सौंपा।
आजादी के बाद लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए साहुपुरी सहित आस पास के गांवों के भूमि का अधिग्रहण कर साहू केमिकल्स कंपनी की स्थापना की गई। बाद में यहां हरी फर्टिलाइजर की स्थापना हुई। वर्ष 1950 में फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों के रहने के लिए लॉल कॉलोनी का निर्माण किया गया। फैक्टरी बंद होने के बाद श्रम विभाग ने इसे मजदूरों को रहने के लिए दे दिया। यहां लगभग दो सौ क्वार्टर बने थे, जिसमें मजदूर परिवार के साथ रहते थे। एक वर्ष पहले श्रम विभाग ने पूरी कॉलोनी और जमीन को एनडीआरएफ को सौंप दिया था। यहां एनडीआरएफ सेंटर बनना है। इसके बाद से कॉलोनी वासियों को हटने के लिए नोटिस दिया गया। इस पर कुछ लोगों ने न्यायालय की शरण ली। इस पर 15 लोगों को स्टे मिल गया। ऐसे में तहसील प्रशासन ने बीच बीच में अभियान चलाकर क्वार्टर को खाली कराया। वहीं कुछ क्वार्टरों को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद भी बड़े पैमाने पर यहां लोग रह रहे थे। बुधवार की दोपहर में पीडीडीयू नगर एसडीएम राम्या आर अपने अधीनस्थों और पुलिस बल के साथ लाल कॉलोनी पहुंची। 15 आवासों को छोड़ कर अन्य कमरों को जबरन खाली कराया। इसके बाद ताला
बंद कर इसकी चाबी एनडीआरएफ के अधिकारियों को सौंप दिया। इस अवसर पर तहसीलदार आनंद कन्नौजिया, कानूनगो मनीष सिंह, शैलेन्द्र शंकर सिंह, लेखपाल शमशेर यादव, त्रिलोकी गुप्ता, दिनेश सिंह, शशिकिरण रहे।
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आजादी के बाद लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए साहुपुरी सहित आस पास के गांवों के भूमि का अधिग्रहण कर साहू केमिकल्स कंपनी की स्थापना की गई। बाद में यहां हरी फर्टिलाइजर की स्थापना हुई। वर्ष 1950 में फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों के रहने के लिए लॉल कॉलोनी का निर्माण किया गया। फैक्टरी बंद होने के बाद श्रम विभाग ने इसे मजदूरों को रहने के लिए दे दिया। यहां लगभग दो सौ क्वार्टर बने थे, जिसमें मजदूर परिवार के साथ रहते थे। एक वर्ष पहले श्रम विभाग ने पूरी कॉलोनी और जमीन को एनडीआरएफ को सौंप दिया था। यहां एनडीआरएफ सेंटर बनना है। इसके बाद से कॉलोनी वासियों को हटने के लिए नोटिस दिया गया। इस पर कुछ लोगों ने न्यायालय की शरण ली। इस पर 15 लोगों को स्टे मिल गया। ऐसे में तहसील प्रशासन ने बीच बीच में अभियान चलाकर क्वार्टर को खाली कराया। वहीं कुछ क्वार्टरों को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद भी बड़े पैमाने पर यहां लोग रह रहे थे। बुधवार की दोपहर में पीडीडीयू नगर एसडीएम राम्या आर अपने अधीनस्थों और पुलिस बल के साथ लाल कॉलोनी पहुंची। 15 आवासों को छोड़ कर अन्य कमरों को जबरन खाली कराया। इसके बाद ताला
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बंद कर इसकी चाबी एनडीआरएफ के अधिकारियों को सौंप दिया। इस अवसर पर तहसीलदार आनंद कन्नौजिया, कानूनगो मनीष सिंह, शैलेन्द्र शंकर सिंह, लेखपाल शमशेर यादव, त्रिलोकी गुप्ता, दिनेश सिंह, शशिकिरण रहे।
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