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Chandauli News: अवैध कॉल सेंटर पर छापा, विदेशों में फोन कर ठगी का शक
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पीडीडीयू नगर के कॉप्लेक्स के तीसरे तल पर हो रही जांच। संवाद
- फोटो : 1
पीडीडीयू नगर। नगर के कैलाशपुरी मोड़ पर अवैध रूप से चल रहे कॉल सेंटर पर मंगलवार को सीओ के नेतृत्व में साइबर सेल, क्राइम ब्रांच और मुगलसराय कोतवाली की टीम ने छापा मारा। पुलिस ने मौके से कम्प्यूटर, लैपटॉप जब्त किया। इस दौरान पांच युवक कॉल सेंटर में काम करते मिले। सूत्रों के अनुसार कॉल सेंटर से विदेशों में साइबर के ठगी का खेल चल रहा था। साइबर ठगी के बाद डॉलर को भारतीय करेंसी में कन्वर्ट कर देश के विभिन्न राज्यों में मंगाते थे। इसके बाद हवाला के जरिये धन यहां पहुंचता था। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार पिछले छह महीने से कैलाशपुरी मोड़ के पास एक बिल्डिंग में तीसरे तल पर किराये पर कॉल सेंटर चल रहा था। साइबर ठगी के शक में सीओ पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच, मुगलसराय कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मंगलवार की दोपहर छापा मारा। पुलिस को देख मौके पर भीड़ जुट गई। टीम ने तीसरे तल पर पहुंचकर कमरे को अंदर से बंद कर दिया। पुलिस ने वहां काम कर रहे युवकों से लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की।
पुलिस ने बताया कि कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक लंदन, अमेरिका, जापान समेत अन्य देशों में कॉल कर साइबर ठगी करते थे। इसके बाद साइबर ठगी के जरिये मिली रकम को विदेश में स्थित एक एकाउंट में ट्रांसफर किया जाता था, जिसे रिसीवर कहा जाता है। इसके बाद रिसीवर के एकाउंट से धनराशि चीन से होते हुए एक बड़े नेटवर्क के जरिये दिल्ली, बंगलूरू और कोलकाता आती है।
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फिर वहां से हवाला के जरिये रुपये कॉल सेंटर संचालक तक पहुंचते हैं। सूत्र बताते हैं कि कॉल सेंटर के जरिये साइबर ठगी का खेल विदेशों में होने के कारण भारत में इसकी कोई शिकायत भी नहीं होती थी। सूत्रों के अनुसार कॉल सेंटर संचालक मौके से भाग गया। इस संबंध में सीओ पीडीडीयू नगर ने बताया कि एक फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गैंग का खुलासा हुआ है। मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
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पुलिस के अनुसार पिछले छह महीने से कैलाशपुरी मोड़ के पास एक बिल्डिंग में तीसरे तल पर किराये पर कॉल सेंटर चल रहा था। साइबर ठगी के शक में सीओ पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच, मुगलसराय कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मंगलवार की दोपहर छापा मारा। पुलिस को देख मौके पर भीड़ जुट गई। टीम ने तीसरे तल पर पहुंचकर कमरे को अंदर से बंद कर दिया। पुलिस ने वहां काम कर रहे युवकों से लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की।
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पुलिस ने बताया कि कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक लंदन, अमेरिका, जापान समेत अन्य देशों में कॉल कर साइबर ठगी करते थे। इसके बाद साइबर ठगी के जरिये मिली रकम को विदेश में स्थित एक एकाउंट में ट्रांसफर किया जाता था, जिसे रिसीवर कहा जाता है। इसके बाद रिसीवर के एकाउंट से धनराशि चीन से होते हुए एक बड़े नेटवर्क के जरिये दिल्ली, बंगलूरू और कोलकाता आती है।
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फिर वहां से हवाला के जरिये रुपये कॉल सेंटर संचालक तक पहुंचते हैं। सूत्र बताते हैं कि कॉल सेंटर के जरिये साइबर ठगी का खेल विदेशों में होने के कारण भारत में इसकी कोई शिकायत भी नहीं होती थी। सूत्रों के अनुसार कॉल सेंटर संचालक मौके से भाग गया। इस संबंध में सीओ पीडीडीयू नगर ने बताया कि एक फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गैंग का खुलासा हुआ है। मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।