नियामताबाद। नए कृषि कानून से नाराज किसानों और विपक्षी दलों का विरोध कम नहीं हो रहा है। शनिवार को पूर्व सांसद रामकिशुन ने परोरवा गांव में किसानों संग पदयात्रा निकाली और सभा की। पूर्व सांसद ने कहा कि किसान नए कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे है लेकिन सरकार को किसानों के हित की चिंता नहीं है। उनके ऊपर कृषि कानून थोपकर धोखा कर रही है।
यूपी-दिल्ली के बार्डर पर किसान नए कानून के विरोध में आंदोलनरत हैं। उनके समर्थन में स्थानीय स्तर पर भी लगातार विपक्षी दलों सहित जिले के किसान नाराजगी जता रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को पूर्व सांसद फिर परोरवा गांव पहुंचे और किसानों को कृषि बिल से किसानों को होने वाले फायदा-नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार किसानों को गुमराह कर रही है और नए कृषि कानूनों से किसानों को होने वाले नुकसान के बारे में नहीं बता रही है। इस कानून से किसान तबाह हो जाएंगे। उनकी जमीनों पर पूंजीपतियों का अधिकार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसान हित में कोई कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, इसका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर बाबू प्रधान, लाल भरत, राज नारायण, रामकुमार नेता, शिव शंकर यादव, कल्लू बाबा, राजेश यादव, विजय यादव, भैया लाल, भरत, रामेश्वर, दिनेश, कृपा शंकर, शिव कुमार मौजूद रहे।