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कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया है विशेष प्रशिक्षण
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा विशेष तैयारी करने में जुटा हुआ है। जिले के अस्पतालों में विभाग की ओर से मॉकड्रिल व निरीक्षण का कार्यक्रम जारी है। कोरोना कि तीसरी लहर में आम जनजीवन को सुरक्षित रखने के लिए हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर ने निरीक्षण कर जानकारी ली थी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि कोरोना से लोगों को बचाने के लिए 100 से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है। इनमें चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
कोरोना की तीसरी संभावित लहर से निबटने के लिए डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसमें बाल रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ, चेस्ट फिजिशियन, जनरल फिजिशियन के साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ की सूची भी बना ली गई है। इसमें उन चिकित्सकों को भी रखा गया है जो पहले के कोरोना काल में ड्यूटी कर चुके हैं। मरीजों की संख्या के हिसाब से चिकित्सकों व कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है। इसमें कमी पड़ने पर मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों की भी सेवा ली जाएगी। जनपद के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दो जिला अस्पताल व एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कोराना से लड़ने का केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर 570 से अधिक बेड की व्यवस्था की गई है। सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित कर दिया गया है। इसके अलावा समय-समय पर मॉकड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षण को परखा जा रहा है। कुल मिलाकर स्वास्थ्य महकमा कोरोना की तीसरी लहर का संक्रमण रोकने के लिए तैयार दिख रहा है।
है ताकि तीसरी लहर में लोगों को बचाया जा सके। डॉ. वीपी द्विवेदी, सीएमओ।
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कोरोना की तीसरी संभावित लहर से निबटने के लिए डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसमें बाल रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ, चेस्ट फिजिशियन, जनरल फिजिशियन के साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ की सूची भी बना ली गई है। इसमें उन चिकित्सकों को भी रखा गया है जो पहले के कोरोना काल में ड्यूटी कर चुके हैं। मरीजों की संख्या के हिसाब से चिकित्सकों व कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है। इसमें कमी पड़ने पर मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों की भी सेवा ली जाएगी। जनपद के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दो जिला अस्पताल व एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कोराना से लड़ने का केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर 570 से अधिक बेड की व्यवस्था की गई है। सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित कर दिया गया है। इसके अलावा समय-समय पर मॉकड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षण को परखा जा रहा है। कुल मिलाकर स्वास्थ्य महकमा कोरोना की तीसरी लहर का संक्रमण रोकने के लिए तैयार दिख रहा है।
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है ताकि तीसरी लहर में लोगों को बचाया जा सके। डॉ. वीपी द्विवेदी, सीएमओ।