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स्वास्थ्य कर्मियों ने भरी हुंकार
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 10 Sep 2016 01:21 AM IST
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मुख्यालय स्थित सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे फार्मेसिस्टों को संबोधित करते जिलाध्यक्ष आरबी यादव।
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डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन जिला इकाई की ओर से शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान फार्मासिस्टों ने शासन व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि फार्मासिस्टों की जायज मांगों को सरकार पूरा करने में असमर्थ साबित रही है। अंत में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन सीएमओ डा. आरएन सिंह को सौंपा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि छठें वेतन आयोग में तमाम विसंगतियां हैं, जिसे दूर किया जाना चाहिए। संवर्ग के पदों का मानक निर्धारित करते हुए फार्मासिस्टों की नियुक्ति की जाए। उपकेन्द्रों पर फार्मासिस्टों के पद सृजित नहीं है। वहां तत्काल पद सृजित कर तैनाती की जाए। ब्लड बैंक और पोस्टमार्टम हाउस में कार्यरत फार्मासिस्ट से ड्रग्स एक्ट के तहत अन्य ड्यूटी न ली जाए। जिलाध्यक्ष आरबी यादव ने कहा कि पदोन्नति करके फार्मासिस्टों के पदों को तत्काल भरा जाए, जिससे फार्मासिस्टों की कमी दूर की जाए। इसके अलावा नवनियुक्त फार्मासिस्टों के नाम वरिष्ठता सूची में जोड़कर अद्यतन सूची में शामिल किया जाए।
कहा कि दस वर्षों की सेवा पूर्ण कर चुके फार्मासिस्टों को राजपत्रित अधिकारी घोषित किया जाए। प्रदेश सरकार को धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। सरकार का यह रवैया उपेक्षात्मक है जिसे हम सभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर जेके पाल, संतोष सिंह, त्रिभुवन राम, देवेंद्र , दिनेश, अरुण राय, जेएन राय, अशोक, अजय सिंह, आनन्द शर्मा, राजेश आदि उपस्थित रहे। संचालन एम. शाहिद ने किया।
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इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि छठें वेतन आयोग में तमाम विसंगतियां हैं, जिसे दूर किया जाना चाहिए। संवर्ग के पदों का मानक निर्धारित करते हुए फार्मासिस्टों की नियुक्ति की जाए। उपकेन्द्रों पर फार्मासिस्टों के पद सृजित नहीं है। वहां तत्काल पद सृजित कर तैनाती की जाए। ब्लड बैंक और पोस्टमार्टम हाउस में कार्यरत फार्मासिस्ट से ड्रग्स एक्ट के तहत अन्य ड्यूटी न ली जाए। जिलाध्यक्ष आरबी यादव ने कहा कि पदोन्नति करके फार्मासिस्टों के पदों को तत्काल भरा जाए, जिससे फार्मासिस्टों की कमी दूर की जाए। इसके अलावा नवनियुक्त फार्मासिस्टों के नाम वरिष्ठता सूची में जोड़कर अद्यतन सूची में शामिल किया जाए।
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कहा कि दस वर्षों की सेवा पूर्ण कर चुके फार्मासिस्टों को राजपत्रित अधिकारी घोषित किया जाए। प्रदेश सरकार को धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। सरकार का यह रवैया उपेक्षात्मक है जिसे हम सभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर जेके पाल, संतोष सिंह, त्रिभुवन राम, देवेंद्र , दिनेश, अरुण राय, जेएन राय, अशोक, अजय सिंह, आनन्द शर्मा, राजेश आदि उपस्थित रहे। संचालन एम. शाहिद ने किया।
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