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Chandauli News: अयोध्या लौटे श्रीराम का भव्य स्वागत, सौंपी गई राजगद्दी
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टांडाकला में भरत मिलाप का मंचन करते कलाकार। स्रोत:-जागरूक पाठक
- फोटो : 1
टांडाकला। क्षेत्र के टांडाकला गांव में बुधवार को भरत मिलाप और श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ रामलीला संपन्न हुई। दशहरा मेले के अगले दिन रामलीला में श्रीराम के अयोध्या लौटने और चारों भाइयों के मिलन का दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला के अंतिम दिन श्रीराम दरबार की जीवंत झांकी घोड़ों और सजे-धजे रथ पर निकाली गई। झांकी ने बाजार और गांव के विभिन्न मार्गों का भ्रमण किया। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर प्रभु श्रीराम का स्वागत किया। महिलाओं ने अपने घरों के दरवाजे पर आरती उतारी और माला पहनाकर पूजन किया। साथ ही मिष्ठान और दूध का भोग लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की। रात में रामलीला स्थल पर भरत मिलाप का मार्मिक प्रसंग मंचित किया गया।
प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने में विलंब होने पर भरत का विलाप देखकर दर्शक भावुक हो गए। कुछ ही देर बाद श्रीराम के आगमन की सूचना मिलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह छा गया। माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ प्रभु श्रीराम के अयोध्या रूपी रामलीला स्थल पर पहुंचते ही जयकारे गूंजने लगे। इस मौके पर प्रबंधक प्रमोद यादव, मैनेजर पांडेय, धनंजय मिश्रा, रामनारायण पांडेय, लक्ष्मीनारायण पांडेय, अंजनी मिश्रा, मोनू यादव, आकाश मिश्रा, गोलू यादव आदि मौजूद रहे।
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प्रभु श्रीराम और भरत के मिलन पर छलके नैन: चहनिया। रामगढ़ की रामलीला में बुधवार को भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया। श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के मिलन की लीला देखकर लोगों के नैन छलक उठे। लीला की शुरुआत श्रीराम, लक्ष्मण और माता जानकी की आरती उतारकर हुई।
रामलीला में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम लंकाधिपति रावण का वध करने के बाद पुष्पक विमान से पत्नी सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ अयोध्या पहुंचे। श्रीराम को देखते ही भरत उनके चरणों में गिर पड़े। श्रीराम ने उन्हें उठाकर गले लगा लिया।
इसके बाद दोनों भाइयों की आंखों से आंसू छलक उठे। जैसे ही चारों भाइयों का मिलन हुआ, जय श्रीराम और हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। भरत मिलाप से पहले भोजपुरी सांस्कृतिक कलाकार सानिया मंसुर, संजय तिवारी और पंकज तिवारी ने रामचरितमानस, राम दरबार और बाबा कीनाराम से जुड़े भजन प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर मुख्य अतिथि हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. हरिश्चंद्र सिंह, धनंजय सिंह, सोनू सिंह, राकेश सिंह, राधेश्याम पांडेय, समित सिंह, प्रभुनाथ पांडेय, अकरम अली, श्यामलाल सिंह और नागेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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रामलीला के अंतिम दिन श्रीराम दरबार की जीवंत झांकी घोड़ों और सजे-धजे रथ पर निकाली गई। झांकी ने बाजार और गांव के विभिन्न मार्गों का भ्रमण किया। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर प्रभु श्रीराम का स्वागत किया। महिलाओं ने अपने घरों के दरवाजे पर आरती उतारी और माला पहनाकर पूजन किया। साथ ही मिष्ठान और दूध का भोग लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की। रात में रामलीला स्थल पर भरत मिलाप का मार्मिक प्रसंग मंचित किया गया।
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प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने में विलंब होने पर भरत का विलाप देखकर दर्शक भावुक हो गए। कुछ ही देर बाद श्रीराम के आगमन की सूचना मिलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह छा गया। माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ प्रभु श्रीराम के अयोध्या रूपी रामलीला स्थल पर पहुंचते ही जयकारे गूंजने लगे। इस मौके पर प्रबंधक प्रमोद यादव, मैनेजर पांडेय, धनंजय मिश्रा, रामनारायण पांडेय, लक्ष्मीनारायण पांडेय, अंजनी मिश्रा, मोनू यादव, आकाश मिश्रा, गोलू यादव आदि मौजूद रहे।
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प्रभु श्रीराम और भरत के मिलन पर छलके नैन: चहनिया। रामगढ़ की रामलीला में बुधवार को भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया। श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के मिलन की लीला देखकर लोगों के नैन छलक उठे। लीला की शुरुआत श्रीराम, लक्ष्मण और माता जानकी की आरती उतारकर हुई।
रामलीला में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम लंकाधिपति रावण का वध करने के बाद पुष्पक विमान से पत्नी सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ अयोध्या पहुंचे। श्रीराम को देखते ही भरत उनके चरणों में गिर पड़े। श्रीराम ने उन्हें उठाकर गले लगा लिया।
इसके बाद दोनों भाइयों की आंखों से आंसू छलक उठे। जैसे ही चारों भाइयों का मिलन हुआ, जय श्रीराम और हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। भरत मिलाप से पहले भोजपुरी सांस्कृतिक कलाकार सानिया मंसुर, संजय तिवारी और पंकज तिवारी ने रामचरितमानस, राम दरबार और बाबा कीनाराम से जुड़े भजन प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर मुख्य अतिथि हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. हरिश्चंद्र सिंह, धनंजय सिंह, सोनू सिंह, राकेश सिंह, राधेश्याम पांडेय, समित सिंह, प्रभुनाथ पांडेय, अकरम अली, श्यामलाल सिंह और नागेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।