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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Four laborers died in septic tank due to poisonous gas in Chandauli

गैस ने चीखने तक का नहीं दिया मौका: 10 मिनट में एक-एक कर हुईं 4 मौतें, 3 का उजड़ा सुहाग; 1 की गोद हुई सूनी

Fri, 10 May 2024 12:39 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 10 May 2024 12:39 PM IST
सार

Chandauli News: चार परिवारों के लिए बुधवार की रात कातिल साबित हुई। नगर के लाठ नंबर दो स्थित एक घर में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान मात्र दस मिनट में एक-एक कर चार लोगों की मौत हो गई। मौके पर मौजूद चौथे सफाईकर्मी ने अमर उजाला से आंखों देखा हाल बताया। कहा कि जहरीली गैस ने अंदर जाने वालों को चीखने तक का मौका नहीं दिया।

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Four laborers died in septic tank due to poisonous gas in Chandauli
चार लोगों की मौत के बाद बिलख पड़े परिजन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले सफाईकर्मियों का चौथे साथी दीपू ने बताया कि रात में करीब दस बजे वह, कुंदन, सुमित ऊर्फ लोहा और विनोद सेप्टिक टैंक सफाई के लिए भरत लाल जायसवाल के घर पहुंचे थे। सबसे पहले सेप्टिक टैंक का ढक्कन खोला गया ताकी सारी गैस बाहर निकल जाए। इसके बाद उसमें फिनाइल डाला। फिर कनस्तर के माध्यम से सिल्ट को निकालाना शुरू किया। बताया कि रात 12 बजे तक उन्होंने आधे से ज्यादा टैंक खाली कर दिया था।

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सिल्ट निकालने के लिए सबसे पहले सुमित को टैंक में उतारा। उसकी मददद से दो कनस्तर सिल्ट बाहर निकाला गया। इसके बाद सुमित ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर टैंक से बाहर निकालने का इशारा किया। इस पर दीपू और कुंदन ने सुमित की बांह पकड़कर उसे बाहर खींचने लगे। इसी बीच कुंदन टैंक में गिर गया और सुमित भी उसके हाथ से छूट गया।
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दोनों साथियों को बचाने के लिए विनोद भी टैंक में उतर गया। तीनों के टैंक से बाहर नहीं निकलने पर हड़कंप मचा। मकाम मालिक भरत का बेटा अंकुर जायसवाल ने तीनों को बचाने के लिए खुद को रस्सी से बांध लिया और टैंक में उतरने लगा। इसी बीच उसकी रस्सी खुल गई और वह भी टैंक में गिर गया। दीपू ने बताया कि दस मिनट में एक-एक कर चारों लोग टैंक में समा गए। उसने फोन करके सन्नी, वीरेंद्र और मनोज को बुलाया। 
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दीपू ने बताया कि मौके पर पहुंचे तीनों लोगों ने टैंक में सीढ़ी लगाकर चारों को बाहर निकाला। इसके बाद विनोद को उसके परिवार वाले ट्रामा सेंटर ले गए। बाकी तीनों को लोग जिला अस्पताल ले गये। चिकित्सकों ने विनोद, सुमित, कुंदन और अजय को मृत घोषित कर दिया। 

तीन का उजड़ा सुहाग, एक की गोद हुई सूनी
लाठ नंबर दो में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान हुए हादसे में तीन महिलाओं का सुहाग उजड़ गया जबकि एक मां की गोद सूनी हो गई। भरतलाल जायसवाल की दो संतानों में अंकुर (23) एकलौता पुत्र था। भरत की घर के पास में नई सट्टी में कबाड़ की दुकान है। अंकुर अपने पिता के कारोबार में हाथ बंटाता था। घटना के बाद से अंकुर के पिता के साथ उसकी की मां चंदा देवी, बहन निर्जला का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। 

अंकुर की मां रोते हुए बार-बार कह रही थी कि हमारे बाबू को ले आई, उसके नाश्ते का वक्त हो गया। यह कहकर चंदा देवी बेहोश हो जा रही थी। वहीं, विनोद, कुंदन और सुमित के घर भी मातम था। विनोद नगर पालिका में आउट सोर्सिंग पर काम करता था। विनोद की पत्नी भी चीखते हुए बेहाश हो जा रही थी। विनोद के चार बेटे विवेक, अभिषेक, रोहन और ऋषभ और एक बेटी मुस्कान है। इसी तरह कुंदन की मौत से उसकी पत्नी गीता का भी बुरा हाल है। 

गीता नगर पालिका में सफाईकर्मी है। कुंदन और गीता की कोई संतान नहीं है। वहीं सुमित उर्फ लोहा मूल रूप से धानापुर के तोरवां का रहने वाला था। बचपन से वह काली महाल स्थित अपनी नानी राजकुमारी देवी के यहां रह रहा था। एक वर्ष पहले लोहा का विवाह हुआ था। अठमी की तीन संतानों में लोहा सबसे बड़ा था। उसका एक छोटा भाई और बहन है। लोहा की मौत के बाद से उसकी नानी बदहवास हो गई।

विषैली गैस का भंडार होता है सेप्टिक टैंक

सेप्टिक टैंक विषैली गैस का भंडार होता है। ऐसे में उसकी सफाई के दौरान कई बेहद सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज में रसायन शास्त्र की लेक्चरर रिया श्रीवास्तव ने बताया कि सेप्टिक टैंक में कई गैसों का मिश्रण होता है, जिसका सबसे प्रमुख घटक मीथेन गैस होती है। मीथेन गैस हवा से हल्की होती है लेकिन इंसानों के लिए काफी खतरनाक होती है। 

उन्होंने बताया कि मीथने गैस सीधे श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाती है, जिसके संपर्क में आते ही लोग बेहोश हो जाते हैं। यही नहीं, कमजोर व्यक्ति की मीथेन गैस के संपर्क में आने से 10 से 15 मिनट में उसकी मौत हो सकती है। उन्होंने बताया कि सेप्टिक टैंक में गैस निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए। 

नगर पालिका ने दी दस-दस हजार रुपये की सहायता
सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई चार लोगों की मौत हो गई है। घटना की जानकारी होने के बाद मौके पर पहुंचे नगर पालिका के ईओ रोहित सिंह और सफाई निरीक्षक सुनील कुमार ने मृतकों के परिजनों को दस-दस हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। 

नगर पालिका के पास कम दूरी की है सेक्शन मशीन
नगर पालिका के पास सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए सेक्शन मशीन तो है लेकिन उसकी पाइप सिर्फ 70 फीट लंबी है। बड़ी मशीन शहर की तंग गलियों में भी नहीं जा पाती है। निजी मशीन से सेप्टिक टैंक की सफाई करने वालों के पास लंबी पाइप होती है। इसके चलते सेप्टिक टैंक सफाई करने वाले मनमाना वसूली करते हैं।

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