UP: परिवार को दो हजार देकर पांच नाबालिग को ले जा रहे थे दिल्ली, ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर एक्शन; जानें मामला
Chandauli News: नाबालिगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए चाइल्ड लाइन के हवाले किया गया है। वहीं ट्रैफिकर को आगे की कार्रवाई के लिए मुगलसराय कोतवाली पुलिस के हवाले किया गया है।
विस्तार
UP Crime: आरपीएफ, सीआईबी, बचपन बचाओ आंदोलन और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने मंगलवार की सुबह ट्रेन से बिंदी बनाने वाली कंपनी में काम कराने के लिए दिल्ली ले जा रहे पांच नाबालिगों को मुक्त कराया। नाबालिगों को ले जा रहे एक तस्कर को गिरफ्तार किया। नाबालिगों को उनके घर पहुंचाने के लिए चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया। वहीं, तस्कर को आगे की कार्रवाई के लिए मुगलसराय कोतवाली के वाले कर दिया गया।
आरपीएफ पीडीडीयू पोस्ट निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि ट्रेनों में ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने के लिए आरपीएफ की टीम लगातार गश्त कर रही है। मंगलवार को सूचना मिली कि अप 12487 सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन से नाबालिगों को ले जाया जा रहा है।
इस सूचना पर बचपन बचाओ आंदोलन की सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता, रेलवे चाइल्ड लाइन और सीआईबी की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई। सीमांचल एक्सप्रेस स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या छह पर पहुंची। ट्रेन के जनरल कोच की जांच करने पर 5 नाबालिग डरे सहमे हाल में दिखे। उनसे बात करने पर पता चला कि वे काम करने के लिए दिल्ली जा रहे हैं।
पुलिस ने की कार्रवाई
नाबालिगों की निशानदेही पर उन्हें ले जा रहे व्यक्ति को भी पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम माजिद निवासी थाना महलगांव ,जिला अररिया बिहार बताया। सभी नाबालिग अररिया जिले रहवासी हैं और 12 से 17 वर्ष के रहे। माजिद ने बताया कि नाबालिगों को दिल्ली उस्मानपुर में बिंदी बनाने वाली कंपनी में काम कराने के लिए ले जा रहा है। यहां 12 घंटे काम के बदले करीब 10 हजार रुपये मिलेंगे।
नाबालिगों के घर वालों को 2 हजार से पांच हजार रुपये तक दिया गया है। सभी नाबालिगों को वह अपने खर्च पर दिल्ली ले जा रहा है। आरपीएफ निरीक्षक ने बताया कि नाबालिगों के परिवार वालों को सूचना दी गई है।