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जनधन खातों में आए पांच सौ करोड़
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 25 Nov 2016 01:26 AM IST
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बैंक शाखा में कतार में खड़े लोग।
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बड़े नोटबंदी के बाद जिले के जनधन खातों में अब तक लगभग पांच सौ करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। यह राशि सामान्य खातों की तुलना में काफी अधिक है जबकि खातों की संख्या सवा दो लाख है। एलडीएम एसके पाढ़ी ने बताया कि एक पखवारे में जनधन योजना के तहत खुले खातों में जमा की जाने वाली राशि एक पखवारे में सीमा से अधिक बढ़ गई है।
नोटबंदी के बाद पुराने नोटों और काले धन को खपाने के लिए बीते एक पखवारे से जिच चल रही है। सफेशपोश जनधन खातों को कालाधन छिपाने के लिए सफेशपोश और बड़े व्यवसायी सुरक्षित मानते हुए अपने-अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों जिनके खाते जनधन योजना के तहत खोले गए थे वहां रकम जमा कराने लगे।
अब केंद्र सरकार ने उन खातों की जांच शुरू कर दी है जहां अचानक 50 हजार या उससे अधिक धन जनधन खातों में जमा किए गए हैं। विभिन्न शाखा प्रबंधकों ने बताया कि अभी तो वास्तविक आंकड़ा नहीं बताया जा सकता क्योंकि जमा किए जाने का क्रम जारी है। सूत्रों की मानें तो कई खातों में जानकारी के अभाव में लोग ढ़ाई लाख रुपये तक जमा कर चुके हैं। इसके चलते जनपद के सवा दो लाख खातों में अब तक करीब पांच सौ करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं।
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अग्रणी जिला प्रबंधक एसके पाढ़ी ने बताया कि जनधन खाता केंद्र सरकार की पहल पर खोला गया। लोगों ने उन खातों में कुछ रकम भी जमा करनी शुरू कर दी। एक पखवारे पूर्व पांच सौ और एक हजार के नोटों के चलन से बाहर हो जाने के कारण अचानक कुछ खातों में लाखों रुपये जमा होने लगे। अब 50 हजार की सीमा को पार कर जिन लोगों के खातों में लाखों रुपये जमा किए गए हैं, शासन उसकी जांच कराएगा। बताया कि हालांकि अधिकांश खातों में सामान्य ट्रांजेक्शन ही हुए हैं।
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नोटबंदी के बाद पुराने नोटों और काले धन को खपाने के लिए बीते एक पखवारे से जिच चल रही है। सफेशपोश जनधन खातों को कालाधन छिपाने के लिए सफेशपोश और बड़े व्यवसायी सुरक्षित मानते हुए अपने-अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों जिनके खाते जनधन योजना के तहत खोले गए थे वहां रकम जमा कराने लगे।
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अब केंद्र सरकार ने उन खातों की जांच शुरू कर दी है जहां अचानक 50 हजार या उससे अधिक धन जनधन खातों में जमा किए गए हैं। विभिन्न शाखा प्रबंधकों ने बताया कि अभी तो वास्तविक आंकड़ा नहीं बताया जा सकता क्योंकि जमा किए जाने का क्रम जारी है। सूत्रों की मानें तो कई खातों में जानकारी के अभाव में लोग ढ़ाई लाख रुपये तक जमा कर चुके हैं। इसके चलते जनपद के सवा दो लाख खातों में अब तक करीब पांच सौ करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं।
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अग्रणी जिला प्रबंधक एसके पाढ़ी ने बताया कि जनधन खाता केंद्र सरकार की पहल पर खोला गया। लोगों ने उन खातों में कुछ रकम भी जमा करनी शुरू कर दी। एक पखवारे पूर्व पांच सौ और एक हजार के नोटों के चलन से बाहर हो जाने के कारण अचानक कुछ खातों में लाखों रुपये जमा होने लगे। अब 50 हजार की सीमा को पार कर जिन लोगों के खातों में लाखों रुपये जमा किए गए हैं, शासन उसकी जांच कराएगा। बताया कि हालांकि अधिकांश खातों में सामान्य ट्रांजेक्शन ही हुए हैं।