{"_id":"84ec805ef06156b6441e285abd472a76","slug":"farmers-demonstrate-hindi-news-6","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम रोकवाया, प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काम रोकवाया, प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Wed, 13 Jan 2016 01:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान संघर्ष समिति के बैनर तले फ्रेट कॉरिडोर रेल परियोजना से प्रभावित
विज्ञापन
किसानों ने मंगलवार को छितो गांव के समीप रेलवे के निर्माण कार्य को
रोकवाकर प्रदर्शन किया।
किसानों ने रेलवे व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जमीन के अधिग्रहण का चार गुना अधिक मुआवजा मांगा। साथ ही रेलवे में नौकरी व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का आग्रह किया।
चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होगा तो किसान आंदोलन करने को बाध्य होंगे। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर गिरीश कुमार व सीओ सदर प्रमोद कुमार यादव ने समझा-बुझाकर किसानों को शांत कराया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि रेल परियोजना फ्रेड कॉरिडोर के तहत क्षेत्रीय किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, लेकिन रेल महकमा प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा नहीं दे रहा है।
साथ ही अन्य सुविधाओं से भी प्रभावित परिवार को दूर रखा गया है। कहा कि प्रभावित परिवार के एक सदस्य को रेल विभाग में नौकरी दी जाए।
अधिग्रहीत भूमि के एवज में किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। जो कम से कम चार गुना हो। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों के लिए उनका हक दिया जाए। प्रत्येक प्रभावित परिवार को विस्थापन भत्ता प्रदान किया जाए। इसके पूर्व प्रशासनिक व रेल महकमे की उपेक्षा से नाराज किसान छितो गांव के समीप एकत्रित हुए और रेलवे के निर्माण कार्य को ठप कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी।
किसानों द्वारा प्रदर्शन किए जाने की सूचना पर एसडीएम सदर व सीओ सदर मौके पर पहुंचे। साथ ही सदर कोतवाल साजिद सिद्दीकी ने भी प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
इसके अलावा रेल विभाग के सीडीएम रामेश्वर सिंह व डीपीएम एसएन त्रिपाठी ने भी किसानों की मांग को सुना और उसे पूरा कराने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर शांति देवी, प्रदीप, सियाराम, उर्मिला, मुकेश, अक्षय लाल, चन्दन विश्वकर्मा, चंद्रिका, हरिवंश प्रसाद आदि रहे।
किसानों ने रेलवे व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जमीन के अधिग्रहण का चार गुना अधिक मुआवजा मांगा। साथ ही रेलवे में नौकरी व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का आग्रह किया।
चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं होगा तो किसान आंदोलन करने को बाध्य होंगे। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर गिरीश कुमार व सीओ सदर प्रमोद कुमार यादव ने समझा-बुझाकर किसानों को शांत कराया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि रेल परियोजना फ्रेड कॉरिडोर के तहत क्षेत्रीय किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, लेकिन रेल महकमा प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा नहीं दे रहा है।
साथ ही अन्य सुविधाओं से भी प्रभावित परिवार को दूर रखा गया है। कहा कि प्रभावित परिवार के एक सदस्य को रेल विभाग में नौकरी दी जाए।
अधिग्रहीत भूमि के एवज में किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। जो कम से कम चार गुना हो। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों के लिए उनका हक दिया जाए। प्रत्येक प्रभावित परिवार को विस्थापन भत्ता प्रदान किया जाए। इसके पूर्व प्रशासनिक व रेल महकमे की उपेक्षा से नाराज किसान छितो गांव के समीप एकत्रित हुए और रेलवे के निर्माण कार्य को ठप कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी।
किसानों द्वारा प्रदर्शन किए जाने की सूचना पर एसडीएम सदर व सीओ सदर मौके पर पहुंचे। साथ ही सदर कोतवाल साजिद सिद्दीकी ने भी प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
इसके अलावा रेल विभाग के सीडीएम रामेश्वर सिंह व डीपीएम एसएन त्रिपाठी ने भी किसानों की मांग को सुना और उसे पूरा कराने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर शांति देवी, प्रदीप, सियाराम, उर्मिला, मुकेश, अक्षय लाल, चन्दन विश्वकर्मा, चंद्रिका, हरिवंश प्रसाद आदि रहे।