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पोखरे की भूमि पर अतिक्रमण
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Mon, 02 May 2016 01:52 AM IST
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सड़सा बाबा पोखरे का किया जा रहा है अतिक्रमण।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी तालाबों व पोखरों का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। इसकी एक नजीर देखनी है तो जिला मुख्यालय पर सर्विस रोड किनारे मौजूद सड़सा बाबा के पोखरे पर दिख जाएगा।
मुख्यालय स्थित नगर के अतिप्राचीन पोखरों में सड़सा बाबा पोखरे का नाम सबसे ऊपर स्थित है। पोखरे की बात करें तो एक समय इसका पानी लोगों के दैनिक जरूरतों के लिए काफी महत्व रखता था, लेकिन वर्तमान में यह कूड़े के ढेर में तब्दील होता जा रहा है। आसपास के घरों का गंदा पानी पोखरे में बह रहा है। साथ ही अतिक्रमण की दायरा पोखरे के दामन को तेजी से समेट रहा है। अभी हाल में डीएम कुमार प्रशांत ने उक्त पोखरे का निरीक्षण किया था और नगर पंचायत से पोखरे से जुड़े दस्तावेज तलब किए थे। डीएम के निरीक्षण के दो दिन बाद ही पोखरे के पूरब दिशा में किनारों को पाटकर पक्का निर्माण कराया जा रहा है। यह पूरा खेल नगर पंचायत प्रशासन और जिला प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। सबसे दिलचस्प बात तो यह कि जिस पोखरे को अतिक्रमण मुक्त कराने की बात डीएम कुमार प्रशांत कह गए। उसके दो दिन बाद ही उक्त पोखरे पर अतिक्रमण की एक नई नींव रखकर दबंगों ने नगर पंचायत सहित जिला प्रशासन को खुली चुनौति दे डाली है।
इस संबंध में तहसीलदार गुलाब चंद्रा ने कहा कि इसकी पूरी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्यालय स्थित नगर के अतिप्राचीन पोखरों में सड़सा बाबा पोखरे का नाम सबसे ऊपर स्थित है। पोखरे की बात करें तो एक समय इसका पानी लोगों के दैनिक जरूरतों के लिए काफी महत्व रखता था, लेकिन वर्तमान में यह कूड़े के ढेर में तब्दील होता जा रहा है। आसपास के घरों का गंदा पानी पोखरे में बह रहा है। साथ ही अतिक्रमण की दायरा पोखरे के दामन को तेजी से समेट रहा है। अभी हाल में डीएम कुमार प्रशांत ने उक्त पोखरे का निरीक्षण किया था और नगर पंचायत से पोखरे से जुड़े दस्तावेज तलब किए थे। डीएम के निरीक्षण के दो दिन बाद ही पोखरे के पूरब दिशा में किनारों को पाटकर पक्का निर्माण कराया जा रहा है। यह पूरा खेल नगर पंचायत प्रशासन और जिला प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। सबसे दिलचस्प बात तो यह कि जिस पोखरे को अतिक्रमण मुक्त कराने की बात डीएम कुमार प्रशांत कह गए। उसके दो दिन बाद ही उक्त पोखरे पर अतिक्रमण की एक नई नींव रखकर दबंगों ने नगर पंचायत सहित जिला प्रशासन को खुली चुनौति दे डाली है।
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इस संबंध में तहसीलदार गुलाब चंद्रा ने कहा कि इसकी पूरी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।