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शिक्षा से ही दूर होगी बेरोजगारी
chandauli
Updated Sun, 05 Feb 2017 12:58 AM IST
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सेमिनार का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि डाॅ. पृथ्वीशनाग।
- फोटो : chandauli
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मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी राजकीय डिग्री कालेज में शनिवार को दो दिवसीय कौशल विकास राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। पहले दिन कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति डा. पृथ्वीशनाग ने मां सरस्वती के चित्र के पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित करके किया। स्वागत गीत के साथ ही स्काउड-गाइड व एनसीसी के छात्रों ने मुख्य अतिथि को परेड कर सलामी दी।
कुलपति डा. पृथ्वीशनाग सिंह ने कहा कि हमेें इस बात पर ध्यान देना होगा कि शिक्षण संस्थाओं द्वारा विद्यार्थियों को जो शिक्षा दी जा रही है वह युवाओं को रोजगार की ओर ले जाने के लिए पर्याप्त है अथवा नहीं। देश में शिक्षा का प्रतिशत तेजी से बढ़ा है, लेकिन उसके साथ बेरोजगरी भी बढ़ती जा रही है। बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए तकनीकी शिक्षा को विकसित करना बहुत जरूरी है। कहा कि कौशल प्रशिक्षण योजना को देश के साथ ही विदेश में नौकरी के अवसर सृजित करने की दृष्टिकोण से संचालित किया जा रहा है।
प्राचार्य डा.सुरेश श्रीवास्तव ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में बदलाव लाने की वक्त की मांग है, तभी देश में बढ़ रही बेरोजगारी दूर हो सकेगी। डा. सुकृति मिश्रा ने कहा कि देश को उत्पादन हब बनाना होगा। इसके लिए युवाओं को सही समय पर प्रशिक्षण देने की जरूरत है, ताकि वे राजेगार से जुड़ सकें। डा. विनय तिवारी, सुरेंद्र कुमार मिश्रा, शिवशंकर सिंह यादव, दीनबंधु तिवारी, डा. आरके सिंह, एसके मिश्रा आदि उपस्थित रहीं। अध्यक्षता प्राचार्य डा. सुरेश श्रीवास्तव ने किया।
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कुलपति डा. पृथ्वीशनाग सिंह ने कहा कि हमेें इस बात पर ध्यान देना होगा कि शिक्षण संस्थाओं द्वारा विद्यार्थियों को जो शिक्षा दी जा रही है वह युवाओं को रोजगार की ओर ले जाने के लिए पर्याप्त है अथवा नहीं। देश में शिक्षा का प्रतिशत तेजी से बढ़ा है, लेकिन उसके साथ बेरोजगरी भी बढ़ती जा रही है। बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए तकनीकी शिक्षा को विकसित करना बहुत जरूरी है। कहा कि कौशल प्रशिक्षण योजना को देश के साथ ही विदेश में नौकरी के अवसर सृजित करने की दृष्टिकोण से संचालित किया जा रहा है।
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प्राचार्य डा.सुरेश श्रीवास्तव ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में बदलाव लाने की वक्त की मांग है, तभी देश में बढ़ रही बेरोजगारी दूर हो सकेगी। डा. सुकृति मिश्रा ने कहा कि देश को उत्पादन हब बनाना होगा। इसके लिए युवाओं को सही समय पर प्रशिक्षण देने की जरूरत है, ताकि वे राजेगार से जुड़ सकें। डा. विनय तिवारी, सुरेंद्र कुमार मिश्रा, शिवशंकर सिंह यादव, दीनबंधु तिवारी, डा. आरके सिंह, एसके मिश्रा आदि उपस्थित रहीं। अध्यक्षता प्राचार्य डा. सुरेश श्रीवास्तव ने किया।
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