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किराएदारी में अनुबंध से कम होंगे विवाद
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पीडीडीयू नगर। विवादों को रोकने लिए प्रदेश सरकार ने घर मालिकों के लिए अनुबंध अनिवार्य कर दिया है। अब बिना अनुबंध किए भवन स्वामी किराएदार नहीं रख सकेंगे। इससे किराएदारी के विवाद में कमी आएगी। जिले में दस हजार से अधिक लोग किराए पर रह रहे हैं। इसमें ऑफिस के लिए किराए पर लिए जाने वाले भवन का ही अनुबंध होता है। अन्य किराएदारी के लिए अनुबंध न के बराबर है। वर्तमान में तीन दर्जन से अधिक किराएदारी का विवाद चल रहा है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर में एशिया का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड है। रेलवे का मंडल होने की वजह से यहां बड़ी आबादी रेल कर्मियों की है। रेलकर्मियों के लिए रेलवे कॉलोनियां तो बनी हैं लेकिन इसके बाद भी बड़े पैमाने पर रेल कर्मी किराए के मकानों में रहते हैं। यही नहीं जिले का सबसे बड़ा नगर पीडीडीयू नगर ही है। जिला मुख्यालय अभी कस्बाई इलाका है और अभी भी यहां उतनी सुविधाएं नहीं है। ऐसे में सबसे अधिक जिला स्तरीय अधिकारी भी यही रहते हैं। पीडीडीयू नगर में छह हजार से अधिक परिवार किराए के मकानों में रहता है। वहीं सैयदराजा, चंदौली और चकिया नगर पंचायत में भी चार हजार परिवार किराए में मकान में रहते हैं। ऐसे में आए दिन किराए को लेकर विवाद भी होता रहता है। नगर के जीटी रोड स्थित एक मेडिकल दुकान और मकान मालिक के किराएदारी का विवाद वर्षों तक चला था। वहीं रस्तोगी गली के समीप एक मकान में वर्षों से किराएदारी के विवाद का विवाद चल रहा है। जिले भर में तीन दर्जन से अधिक किराएदारी का विवाद चल रहा है। अब अनुबंध की अनिवार्य किए जाने से विवाद का खात्मा होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेन्द्र सिंह दाढ़ी ने कहा कि इसे अच्छे से लागू किया जाए तो बड़ा विवाद खत्म हो जाएगा। अधिवक्ता खालिद वकार आबिद ने कहा कि अधिकतर दिक्कत अनुबंध न होने की वजह से होती है।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर में एशिया का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड है। रेलवे का मंडल होने की वजह से यहां बड़ी आबादी रेल कर्मियों की है। रेलकर्मियों के लिए रेलवे कॉलोनियां तो बनी हैं लेकिन इसके बाद भी बड़े पैमाने पर रेल कर्मी किराए के मकानों में रहते हैं। यही नहीं जिले का सबसे बड़ा नगर पीडीडीयू नगर ही है। जिला मुख्यालय अभी कस्बाई इलाका है और अभी भी यहां उतनी सुविधाएं नहीं है। ऐसे में सबसे अधिक जिला स्तरीय अधिकारी भी यही रहते हैं। पीडीडीयू नगर में छह हजार से अधिक परिवार किराए के मकानों में रहता है। वहीं सैयदराजा, चंदौली और चकिया नगर पंचायत में भी चार हजार परिवार किराए में मकान में रहते हैं। ऐसे में आए दिन किराए को लेकर विवाद भी होता रहता है। नगर के जीटी रोड स्थित एक मेडिकल दुकान और मकान मालिक के किराएदारी का विवाद वर्षों तक चला था। वहीं रस्तोगी गली के समीप एक मकान में वर्षों से किराएदारी के विवाद का विवाद चल रहा है। जिले भर में तीन दर्जन से अधिक किराएदारी का विवाद चल रहा है। अब अनुबंध की अनिवार्य किए जाने से विवाद का खात्मा होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेन्द्र सिंह दाढ़ी ने कहा कि इसे अच्छे से लागू किया जाए तो बड़ा विवाद खत्म हो जाएगा। अधिवक्ता खालिद वकार आबिद ने कहा कि अधिकतर दिक्कत अनुबंध न होने की वजह से होती है।
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