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श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Fri, 17 Jun 2016 01:44 AM IST
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गंगा में स्नान करते लोग ।
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निर्जला एकादशी पर हजारों आस्थावानों ने गंगा में डूबकी लगाई। बलुआ पश्चिम वाहिनी गंगा घाट पर अत्यधिक भीड़ रही। यहां मेला भी लगा। इसी तरह कैली, भूपौली, सहजौर सहित अन्य गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़जुटी। वहीं बड़ी संख्या में जिले के लोग वाराणसी गंगा स्नान करने के लिए गए। गंगा घाटों पर सुबह से शाम तक हर हर गंगे की गूंज होती रही।
हिन्दू धर्म में निर्जला एकादशी का अत्यधिक महत्व है। मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को गंगा स्नान करने से वर्ष चौबीस एकादशी में स्नान का फल मिल जाता है। इसी तरह अन्न जल का त्याग कर कठिन व्रत रहते हुए भगवान विष्णु की पूजा करने से अनंत यज्ञ का पुण्य मिलता है। इसी वजह से इस दिन स्नान ध्यान करने वालों की भीड़ गंगा घाटों पर उमड़ती है। सुबह से ही स्नानार्थी गंगा घाटों पर पहुंचे और यहां स्नान ध्यान के बाद शक्ति के अनुसार दान पुण्य किया। स्नानार्थियों की भीड़ की वजह से पश्चिमवाहिनी बलुआ गंगा घाट पर मेला लगा।
यहां खिलौने, गुब्बारे, चाट पकौड़ी आदि की दुकाने सजी। लोगों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी चौकस व्यवस्था कर रखी थी। क्षेत्र के समाजसेवियों ने भी स्नानार्थियों की मदद की। इसी तरह चहनियां, धानापुर के गंगा घाटों पर भीड़ रही। गंगा घाट पर दान पुण्य लेने के लिए पुरोहित भी दिन भर जुटे रहे। स्नान ध्यान के बाद स्नानार्थियों ने विधि विधान से मांग गंगा की पूजा अर्चना की और आरती उतारी। गंगा तट हर हर गंगे की गूंज से गुंजायमान रहे।
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हिन्दू धर्म में निर्जला एकादशी का अत्यधिक महत्व है। मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को गंगा स्नान करने से वर्ष चौबीस एकादशी में स्नान का फल मिल जाता है। इसी तरह अन्न जल का त्याग कर कठिन व्रत रहते हुए भगवान विष्णु की पूजा करने से अनंत यज्ञ का पुण्य मिलता है। इसी वजह से इस दिन स्नान ध्यान करने वालों की भीड़ गंगा घाटों पर उमड़ती है। सुबह से ही स्नानार्थी गंगा घाटों पर पहुंचे और यहां स्नान ध्यान के बाद शक्ति के अनुसार दान पुण्य किया। स्नानार्थियों की भीड़ की वजह से पश्चिमवाहिनी बलुआ गंगा घाट पर मेला लगा।
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यहां खिलौने, गुब्बारे, चाट पकौड़ी आदि की दुकाने सजी। लोगों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी चौकस व्यवस्था कर रखी थी। क्षेत्र के समाजसेवियों ने भी स्नानार्थियों की मदद की। इसी तरह चहनियां, धानापुर के गंगा घाटों पर भीड़ रही। गंगा घाट पर दान पुण्य लेने के लिए पुरोहित भी दिन भर जुटे रहे। स्नान ध्यान के बाद स्नानार्थियों ने विधि विधान से मांग गंगा की पूजा अर्चना की और आरती उतारी। गंगा तट हर हर गंगे की गूंज से गुंजायमान रहे।
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