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मुआवजे की मांग को लेकर वनवासी समाज ने तहसील मुख्यालय पर किया प्रदर्शन

Wed, 19 Aug 2020 12:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2020 12:12 AM IST
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Demonstration to forest dwellers for compensation
चकिया। मूसाखांड़ बांध के निर्माण के दौरान विस्थापित आदिवासी समाज के किसानो ने अपनी भूमि के बदले दी गयी भूमि को राजस्व खाते में दर्ज करने की मांग को लेकर चकिया तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
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वर्ष 1964 में मूसाखाड़ बांध के निर्माण के दौरान बांध बनाने के लिए आदिवासी वनवासी किसानो की भूमि सिंचाई विभाग द्वारा ली गयी थी। इस भूमि के बदले उन्हे मोहरिया जंगल में वन भूमि आवंटित की गयी थी, लेकिन यह भूमि राजस्व खाते में अब तक दर्ज नहीं हो सकी। जिसके चलते किसानो को किसी भी तरह का सरकारी लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अतिरिक्त आदिवासियों की जमीन पर दबंगो ने कई स्थानों पर कब्जा कर लिया है। इससे कमजोर वर्ग के किसान परेशान हैं। किसानों की समस्या के निस्तारण के लिए उपजिलाधिकारी अजय मिश्रा द्वारा मंगलवार को समन्वय समिति की बैठक बुलाई गयी। इसमें तहसीलदार, सिंचाई विभाग के अधिकारी तथा दूसरे पक्ष के किसान भी मौजूद थे। काफी विचार-विमर्श के बावजूद प्रशासन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाया। जिससे आदिवासी समाज आक्रोशित हो गया तथा प्रदर्शन करने लगा। प्रदर्शन करने वालो में बुल्लू, मेघनाथ, रमापति, मंजू, नागा कोल, जीवन लाल रहे।
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