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डैमेज कंट्रोल के बाद भी संदेहों के घेरे में है पुलिस
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चकिया। माल्दह गांव में पुलिस के पीछा करने पर अनियंत्रित डीसीएम के मड़ई में घुसने बाद हुई सात मौतों ने जिला प्रशासन को हिला कर रख दिया है। अधिकारियों के त्वरित डैमेज कंट्रोल के बाद भी पुलिस की भूमिका संदेहों के दायरे में है। पशु तस्करी के धंधे की मोटी आमदनी के कारण सीमावर्ती थाना क्षेत्रों के हल्का प्रभारियों तथा कारखासों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
माल्दह गांव की दुर्घटना के बाद चकिया कोतवाली के प्रभारी तथा कानून व्यवस्था के प्रभारी इंस्पेक्टरों को लाईन हाजिर करने, सीओ चकिया के विरुद्ध डीजीपी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखने तथा इलिया थाना प्रभारी एवं कारखास के निलंबन की कार्रवाई कर जिला प्रशासन मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। इस कोशिश के बावजूद पशु तस्करी के धंधे पर लगाम लगने की उम्मीद दूर-दूर तक नही दिखाई दे रही है। सीमावर्ती थानों में सीमावर्ती क्षेत्रो की ओर के हल्का इंचार्ज के अलावा विशेष कारखासों की तैनाती को पशु तस्करी के धंधे की कमाई से जोड़कर देखने वालों की कमी नही हैं। वहीं यूपी 100 नंबर की भूमिका पर भी संदेह किया जा रहा है। माल्दह गांव में मंगलवार की सुबह घटना के बाद आक्रोशित नागरिकों ने पशु तस्करी के धंधे में पुलिस की भूमिका को लेकर नारेबाजी की प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित लोगों ने कहा कि पुलिस की जानकारी में पशु तस्करी का धंधा लंबे समय से फल-फूल रहा है। इसके बाद भी इसपर रोक नहीं लगाया जा रहा।
माल्दह गांव की दुर्घटना के बाद चकिया कोतवाली के प्रभारी तथा कानून व्यवस्था के प्रभारी इंस्पेक्टरों को लाईन हाजिर करने, सीओ चकिया के विरुद्ध डीजीपी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखने तथा इलिया थाना प्रभारी एवं कारखास के निलंबन की कार्रवाई कर जिला प्रशासन मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। इस कोशिश के बावजूद पशु तस्करी के धंधे पर लगाम लगने की उम्मीद दूर-दूर तक नही दिखाई दे रही है। सीमावर्ती थानों में सीमावर्ती क्षेत्रो की ओर के हल्का इंचार्ज के अलावा विशेष कारखासों की तैनाती को पशु तस्करी के धंधे की कमाई से जोड़कर देखने वालों की कमी नही हैं। वहीं यूपी 100 नंबर की भूमिका पर भी संदेह किया जा रहा है। माल्दह गांव में मंगलवार की सुबह घटना के बाद आक्रोशित नागरिकों ने पशु तस्करी के धंधे में पुलिस की भूमिका को लेकर नारेबाजी की प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित लोगों ने कहा कि पुलिस की जानकारी में पशु तस्करी का धंधा लंबे समय से फल-फूल रहा है। इसके बाद भी इसपर रोक नहीं लगाया जा रहा।
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