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शोषण के खिलाफ बीआरडीएमए ने निकाल न्याय यात्रा
Updated Tue, 27 Feb 2018 01:04 AM IST
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मुगलसराय। रेल कर्मचारियों व ठेका मजदूरों पर हो रहे शोषण के खिलाफ सोमवार को भारतीय रेल दलित मजदूर एसोसिएशन ने काशी रेलवे स्टेशन से मुगलसराय स्थित डीआरएम कार्यालय तक पैदल न्याय यात्रा निकाली। इस दौरान रेल कर्मचारियों और ठेका मजदूरों ने रेल अधिकारियों के मनमाने रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी। चेताया कि यदि अब भी अधिकारियों ने शोषण बंद नहीं किया तो संगठन इससे भी बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
न्याय यात्रा का नेतृत्व कर रहे बीआरडीएमए के राष्ट्रीय महामंत्री राजेन्द्र राम ने कहा कि रेल कर्मचारियों को बिना चार्जशीट दिये ही रिवर्ट किया जा रहा है। वहीं अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार मजदूरों का शोषण कर रहे हैं। कहा कि रेल में भ्रष्टाचार के कारण रेल में गंदगी व्याप्त है, यात्रियों को शुद्ध खाना और पानी भी नहीं मिल पा रहा है। रेल नियमों के विरूद्ध अधिकारियों कर्मचारियों से जबरदस्ती अपने आवासों पर कार्य करा रहे हैं। रम मंत्रालय और रेल मंत्रालय के अनेक अध्यादेश जारी होने के बावजूद भी रेल में कार्यरत सफाई करने वाले, ट्रेन में पानी भरने वाले, रेल लाईनों पर ट्रैक की मरम्मत करने वाले और भवन निर्माण करने वाले ठेका मजदूरों को सिर्फ 150 से 200 रुपये तक की मजदूरी दी जा रही है। रेल ठेका मजदूर के संस्थापक बाबूलाल राजभर ने कहा कि देशभर में रेल ठेका मजदूरों का शोषण हो रहा है। इस दौरान सर्वदेव भगत, दीपक कुमार, ओमप्रकाश कुलवंशी, केके रावत, द्वारिका सिंह, छोटेलाल , बाबी कुमारी, सुरेश कुमार, दीपक कुमार, पीडी भगत, विनित भारती, हीरा यादव आदि मौजूद रहे।
न्याय यात्रा का नेतृत्व कर रहे बीआरडीएमए के राष्ट्रीय महामंत्री राजेन्द्र राम ने कहा कि रेल कर्मचारियों को बिना चार्जशीट दिये ही रिवर्ट किया जा रहा है। वहीं अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार मजदूरों का शोषण कर रहे हैं। कहा कि रेल में भ्रष्टाचार के कारण रेल में गंदगी व्याप्त है, यात्रियों को शुद्ध खाना और पानी भी नहीं मिल पा रहा है। रेल नियमों के विरूद्ध अधिकारियों कर्मचारियों से जबरदस्ती अपने आवासों पर कार्य करा रहे हैं। रम मंत्रालय और रेल मंत्रालय के अनेक अध्यादेश जारी होने के बावजूद भी रेल में कार्यरत सफाई करने वाले, ट्रेन में पानी भरने वाले, रेल लाईनों पर ट्रैक की मरम्मत करने वाले और भवन निर्माण करने वाले ठेका मजदूरों को सिर्फ 150 से 200 रुपये तक की मजदूरी दी जा रही है। रेल ठेका मजदूर के संस्थापक बाबूलाल राजभर ने कहा कि देशभर में रेल ठेका मजदूरों का शोषण हो रहा है। इस दौरान सर्वदेव भगत, दीपक कुमार, ओमप्रकाश कुलवंशी, केके रावत, द्वारिका सिंह, छोटेलाल , बाबी कुमारी, सुरेश कुमार, दीपक कुमार, पीडी भगत, विनित भारती, हीरा यादव आदि मौजूद रहे।
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