{"_id":"5a7a06164f1c1baa1b8b6006","slug":"141517946390-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारोपी को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्यारोपी को आजीवन कारावास
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। गोली मार कर की गई हत्या के जुर्म में एक अभियुक्त को अदालत ने दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई, साथ ही पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। गुरुवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी ने सुनाई, जबकि इसी मामले का एक अन्य आरोपी रामचंदर की फरारी के चलते सुनवाई नहीं हो सकी है। प्राप्त अर्थदंड की धनराशि में चालीस हजार रुपये मृतक की पत्नी को दिया जाएगा।
रौनापार थाना के गोबरहिया जोकहरा गांव निवासी हरिश्चंद्र की लाटघाट बाजार से घर लौटते समय 19 नवंबर 2011 को गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक का भाई हरिनाथ ने स्थानीय थाने में गांव के दो लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उसने पुलिस को बताया था कि गांव का पंचम पुत्र मकरा दारु पीकर अक्सर गाली गलौज करता था। घटना के एक दिन पूर्व उसके भाई से भी गाली गलौज हुआ था। दूसरे दिन उसका मृतक भाई दिन में लगभग एक बजे लाटघाट बाजार से घर वापस लौट रहा थ ा। लौटते समय रामचंदर के ललकारने पर पंचम ने बंदूक से फायर कर दिया। गोली लगने से हरिश्चंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में रौनापार थाना पुलिस ने पंचम पुत्र मकरा, रामचंदर पुत्र फागू के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे अभियोजन अधिकारी महेंद्र गुप्ता ने इस मुकदमे के वादी हरिनाथ, चंपा, डा. एबी त्रिपाठी, हेड कांस्टेबुल ओम प्रकाश पांडेय और महिपाल को बतौर साक्षी पेश किया। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद हत्याभियुक्त पंचम को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन
रौनापार थाना के गोबरहिया जोकहरा गांव निवासी हरिश्चंद्र की लाटघाट बाजार से घर लौटते समय 19 नवंबर 2011 को गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक का भाई हरिनाथ ने स्थानीय थाने में गांव के दो लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उसने पुलिस को बताया था कि गांव का पंचम पुत्र मकरा दारु पीकर अक्सर गाली गलौज करता था। घटना के एक दिन पूर्व उसके भाई से भी गाली गलौज हुआ था। दूसरे दिन उसका मृतक भाई दिन में लगभग एक बजे लाटघाट बाजार से घर वापस लौट रहा थ ा। लौटते समय रामचंदर के ललकारने पर पंचम ने बंदूक से फायर कर दिया। गोली लगने से हरिश्चंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में रौनापार थाना पुलिस ने पंचम पुत्र मकरा, रामचंदर पुत्र फागू के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे अभियोजन अधिकारी महेंद्र गुप्ता ने इस मुकदमे के वादी हरिनाथ, चंपा, डा. एबी त्रिपाठी, हेड कांस्टेबुल ओम प्रकाश पांडेय और महिपाल को बतौर साक्षी पेश किया। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद हत्याभियुक्त पंचम को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन