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पशु तस्करी के धंधे से जुड़े हैं पुलिस मित्र के अपहरण के तार
Updated Mon, 22 Oct 2018 12:24 AM IST
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चकिया। कोतवाली के मूसाखाड़ गांव से 16 अक्तूबर की रात कथित रूप से अपहृत पुलिस मित्र पीतपुर गरला गांव निवासी बबलू यादव की तलाश में कोतवाली पुलिस बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों की खाक छान रही है, लेकिन घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी उसका पता नहीं चला। पुलिस मित्र के अपहरण के पीछे पशु तस्करों का हाथ माना जा रहा है।
पिछले एक माह के अंदर मूसाखाड़ गांव से होकर बिहार जाने वाले पशुओं को पुलिस ने तस्करों से मुक्त कराया है। इससे पशु तस्करों में खलबली मची हुई है। दस अक्टूबर को पुलिस की छापेमारी में मूसाखाड़ गांव के पास से पैदल बिहार तस्करी कर ले जाए जा रहे 96 पशुओं की बरामदगी से पशु तस्कर परेशान हो गए थे। यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि इसके पीछे पशु तस्कर बबलू यादव की मुखबिरी मान रहे है। इस कारण बबलू के अपहरण के पीछे पशु तस्करों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। अपहरण के तीन दिन बीत जाने के बाद भी बबलू का कोई सुराग हासिल न होने से क्षेत्र में तरह-तरह के अफवाहों का बाजार गर्म है। शुक्रवार को बबलू का पता न लगने से परेशान भभौरा गांव के लोगों ने सड़क जाम किया था।
चकिया। कोतवाली के कौड़िहार गांव के पास से शनिवार की रात वनकर्मियों ने पुलिस की मदद से बालू लदे ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। ट्रैक्टर को चकिया रेंज परिसर में खड़ा किया गया है। चकिया रेंजर ताराशंकर यादव ने कहा कि ट्रैक्टर एवं उस पर लदे बालू के कागजात की जांच की जा रही है।
पिछले एक माह के अंदर मूसाखाड़ गांव से होकर बिहार जाने वाले पशुओं को पुलिस ने तस्करों से मुक्त कराया है। इससे पशु तस्करों में खलबली मची हुई है। दस अक्टूबर को पुलिस की छापेमारी में मूसाखाड़ गांव के पास से पैदल बिहार तस्करी कर ले जाए जा रहे 96 पशुओं की बरामदगी से पशु तस्कर परेशान हो गए थे। यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि इसके पीछे पशु तस्कर बबलू यादव की मुखबिरी मान रहे है। इस कारण बबलू के अपहरण के पीछे पशु तस्करों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। अपहरण के तीन दिन बीत जाने के बाद भी बबलू का कोई सुराग हासिल न होने से क्षेत्र में तरह-तरह के अफवाहों का बाजार गर्म है। शुक्रवार को बबलू का पता न लगने से परेशान भभौरा गांव के लोगों ने सड़क जाम किया था।
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चकिया। कोतवाली के कौड़िहार गांव के पास से शनिवार की रात वनकर्मियों ने पुलिस की मदद से बालू लदे ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। ट्रैक्टर को चकिया रेंज परिसर में खड़ा किया गया है। चकिया रेंजर ताराशंकर यादव ने कहा कि ट्रैक्टर एवं उस पर लदे बालू के कागजात की जांच की जा रही है।
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