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कानून व्यवस्था में बदलाव जरूरी : महेंद्रनाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Fri, 22 Jan 2016 01:51 AM IST
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सिविल बार एसोसिएशन की ओर से सदर तहसील सभागार में गुरुवार को बाबू सागर सिंह का 97 वां जयंती समारोह मनाया गया।
इस अवसर पर ‘बदलते सामाजिक परिदृश्य में वर्तमान भारतीय कानून की भूमिका’ पर एक दिवसीय गोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि देश में बदलते परिवेश के मुताबिक यहां की कानून व्यवस्था में बदलाव किया जाता है, जो जरूरी है।
उन्होंने कहा कि दहेज हत्या व बलात्कार जैसे आपराधिक कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों के लिए सख्त कानून बने हैं, जो हाल में भी हुई घटनाओं को संज्ञान में लेकर उठाया गया कदम है।
इसके अतिरिक्त दहेज हत्या से जुड़े कानून में भी बदलाव किया गया है। कहा कि बाबू सागर सिंह एक महान प्रतिभा के धनी थे और सामाजिकता से जुड़े विभिन्न कार्यों को बिना स्वार्थ के सम्पादित किया करते थे। इस दौरान उन्होेंने सिविल बार एसोसिएशन के पुस्तकालय के लिए दो लाख रुपये सांसद निधि से देने का ऐलान किया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने कहा कि समाज को बेहतर बनाने के लिए योगदान देने वाला व्यक्ति महान होता है, जो सागर सिंह थे। इस अवसर पर विधायक सुशील सिंह ने कहा कि बाबू सागर सिंह के व्यक्तित्व से लोगों को प्रेरणा लेने की जरूरत है।
अपर सत्र न्यायाधीश जैगमुद्दीन के अतिरिक्त सीजेएम ज्ञानेंद्र राव न्यायिक अधिकारियों के अलावा मुरलीधर सिंह, दरोगा सिंह, संतोष पाठक, अनिल यादव, एल. उमाशंकर, शमशेर बहादुर सिंह, सूर्यनाथ सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता विनोद कुमार सिंह व संचालन शशिशंकर सिंह ने किया।
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इस अवसर पर ‘बदलते सामाजिक परिदृश्य में वर्तमान भारतीय कानून की भूमिका’ पर एक दिवसीय गोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि देश में बदलते परिवेश के मुताबिक यहां की कानून व्यवस्था में बदलाव किया जाता है, जो जरूरी है।
उन्होंने कहा कि दहेज हत्या व बलात्कार जैसे आपराधिक कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों के लिए सख्त कानून बने हैं, जो हाल में भी हुई घटनाओं को संज्ञान में लेकर उठाया गया कदम है।
इसके अतिरिक्त दहेज हत्या से जुड़े कानून में भी बदलाव किया गया है। कहा कि बाबू सागर सिंह एक महान प्रतिभा के धनी थे और सामाजिकता से जुड़े विभिन्न कार्यों को बिना स्वार्थ के सम्पादित किया करते थे। इस दौरान उन्होेंने सिविल बार एसोसिएशन के पुस्तकालय के लिए दो लाख रुपये सांसद निधि से देने का ऐलान किया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने कहा कि समाज को बेहतर बनाने के लिए योगदान देने वाला व्यक्ति महान होता है, जो सागर सिंह थे। इस अवसर पर विधायक सुशील सिंह ने कहा कि बाबू सागर सिंह के व्यक्तित्व से लोगों को प्रेरणा लेने की जरूरत है।
अपर सत्र न्यायाधीश जैगमुद्दीन के अतिरिक्त सीजेएम ज्ञानेंद्र राव न्यायिक अधिकारियों के अलावा मुरलीधर सिंह, दरोगा सिंह, संतोष पाठक, अनिल यादव, एल. उमाशंकर, शमशेर बहादुर सिंह, सूर्यनाथ सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता विनोद कुमार सिंह व संचालन शशिशंकर सिंह ने किया।