फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   chandauli news

पराली के फेर में खेतों में बर्बाद हो रही 60 फीसदी धान की फसल

Fri, 06 Dec 2019 12:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 06 Dec 2019 12:48 AM IST
विज्ञापन
chandauli news
पीडीडीयू नगर। पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से पराली जलाने पर लगे प्रतिबंध के बाद धान के कटोरे में किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। धान की कटाई और रबी की बोवाई के पीक सीजन में दोराहे पर खड़े जिले के किसानों को अब कुछ सूझ नहीं नहीं रहा है। हालात यह है कि खेतों में धान की फसल पककर बर्बाद हो रही मगर मुकदमा दर्ज होने के भय से अभी 60 फीसदी फसल की कटाई नहीं हो पाई है। इससे न सिर्फ उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि गेहूं, चना, मसूर, सरसो की बोवाई भी पिछड़ रही है। दोहरा नुकसान उठा रहे किसानों का दर्द सुनने वाला कोई नहीं है। इधर, जिला प्रशासन पराली जलाने के मामले में एक दर्जन किसानों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा चुका है। ऐसे में किसान भयभीत हैं। जिले के चकिया, शहाबगंज, बबुरी, नरवन, धीना के क्षेत्रों में धान की कटाई का काम प्रभावित है। इसकी वजह पराली है और इन क्षेत्रों के किसान असमंजस में हैं। कृषि विभाग के अनुसार जिले में तकरीबन 2.07 लाख किसान हैं। इन किसानों ने इस बार 1.12 लाख हेक्टेयर में धान की खेती की थी। इतने बड़े धान के रकबे में बिना विकल्प के पराली जलाने पर रोक बड़ी मुसीबत हो गई है। इस मामले में किसानों के हित की बात करने वाले जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed