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प्रभु स्मरण से ही मानव कल्याण का सहज उपाय-जीयर स्वामी

Sat, 12 Oct 2019 12:41 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2019 12:41 AM IST
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chandauli  news
मानव कल्याण का सहज उपाय प्रभु का स्मरण
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01. प्रभु स्मरण से ही मानव कल्याण का सहज उपाय-जीयर स्वामी
कैलावर में चल रहा है पांच दिवसीय श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ
अमर उजाला ब्यूरो
सचित्र-
चहनियां। क्षेत्र के कैलावर गांव में चल रहे पांच दिवसीय 1008 कुंडीय लक्ष्मी नरायन महायज्ञ के दौरान त्रिदंडी स्वामी महाराज के शिष्य जीयर स्वामी ने कहा कि श्रीमद भावगत में शुकदेव महाराज ने राजा परीक्षित को मानव कल्याण के लिए सबसे सहज और सरल उपाय परमात्मा के श्रीचरणों में चिंतन बताया है। महाराज ने कहा कि हम जिस अवस्था में रहे प्रभु का स्मारण, चिंतन और ध्यान करते रहना चाहिए। इसी से मानव का कल्याण होगा और भव से पार होने का यही सहज माध्यम है।
जीयर स्वामी ने कहा कि शास्त्र में बताया गया है कि दान, तप और ध्यान आत्मा के उद्धार व कल्याण का प्रमुख साधन है। मनुष्य को अपनी मृत्यु को याद करते हुए बचपन, जवानी एवं बुढ़ापा में भगवान का चिंतन मनन और उनके गुणों का श्रवण हर पल हर क्षण करते रहना चाहिए। शास्त्र में कहा गया है साधक को संकट आने पर, मृत्यु निकट आने पर या अंत समय आने पर घबराना नहीं चाहिए। भगवान प्रभु नारायण के नाम या (ऊं) जप करते हुए शेष जीवन को बिताए एवं स्मरण करें। भगवान के स्वरुप का स्मरण करे। वेद शास्त्र में बताया गया है कि भगवान के श्रेष्ठ स्वरूप में ( चतुर्भुज ) स्वरूप एक है। स्वामी जी ने इस गूढ़ रहस्य को बताया कि चतुर्भुज का मतलब चार भुजा वाला स्वरूप जिसमें (शंख, चक्र, गदा, पद्म ) ऐसे स्वरूप वाले प्रभु को अपने दिल दिमाग में बैठाकर जप, तप, ध्यान एवं पूजन करना चाहिए।
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01. लक्ष्मी नरायन महायज्ञ के मंडप की परिक्रमा करने वालों का तांता
अमर उजाला ब्यूरो
सचित्र-
चहनियां। कैलावर में चल रहे 1008 कुंडीय पांच दिवसीय लक्ष्मी नरायन महायज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए हजारों भक्तों की भीड़ जुटी। जिले ही नहीं पूर्वांचल सहित देश के कोने कोने से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। इस दौरान यज्ञ मंडप लक्ष्मी नरायन के जयकारे से गुंजायमान रहा।
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इस दौरान संत जीयर स्वामी महाराज ने बताया कि यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने का बहुत बड़ा पुण्य होता है। जिसका बहुत बड़ा भाग्य होता है वही लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में शामिल होता है। अयोध्यानाथ स्वामी महाराज ने बताया कि यज्ञ स्थल पर प्रतिदिन एक लाख लोगों के प्रसाद की व्यवस्था की गई है। बाहर से आने वाले लोगों के लिए रहने खाने की उत्तम व्यवस्था की गई हैं। लोग यज्ञ कुंड की परिक्रमा करने के साथ ही रत्नेशजी महाराज, किरीटभाई, मारुती किंकर महाराज के प्रवचन को सुनकर लाभ उठा रहे हैं। प्रवचन करने आए बैकुंठनाथ स्वामी ने कहा कि सत्संग सुनने का बहुत बड़ा ही पुण्य होता है जो जीवन में सत्संग नहीं करता उसका दुर्भाग्य होता है। मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा ने बताया कि सुबह आठ बजे से रात दस बजे तक पंडाल में प्रवचन सुनने को लोगों की भीड़ जुट रही है। इस दौरान यज्ञ समिति के अध्यक्ष सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव के साथ अनिल कुमार सिंह, अनुज यादव, लल्लन सिंह, चंद्रकांत सिंह मास्टर, दिनेश आदि व्यवस्था में लगे रहे।
03. वैदिक रीति रिवाज से 51 बच्चों का हुआ यज्ञोपवीत संस्कार
चहनियां। क्षेत्र के कैलावर में चल रहे 1008 कुंडीय पांच दिवसीय लक्ष्मी नरायन महायज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को जीयर स्वामी महाराज की देख रेख में 51 बच्चों का वैदिक रीति रिवाज से यज्ञोपवीत संस्कार किया गया।

पूर्व निर्धारित आयोजन के तहत यज्ञ में शामिल 51 बच्चे पहुंचे। यहां विधि विधान से बच्चों को बटुक का स्वरूप दिया गया। बच्चों ने मुुंडन कराया, इसके बाद भिक्षा मांगकर परिवार और गुरु से आशीर्वाद लिया और इसके बाद गुरु से गुरुदक्षिणा ली और यज्ञोपवीत धारण किया।
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