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Chandauli News: राजस्व और चकबंदी कोर्ट में भ्रष्टाचार का आरोप, डीएम से मिलेंगे अधिवक्ता
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चंदौली में बैठक करते अधिवक्ता। स्रोत:-जागरूक पाठक
- फोटो : घर के अंदर पीएनजी कनेक्शन लगाते कर्मचारी।
चंदौली। जिले में राजस्व और चकबंदी न्यायालयों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार को सदर तहसील परिसर स्थित बार सभागार में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने न्यायालयों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए गहरी नाराजगी जताई।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि राजस्व और चकबंदी अदालतों में दायर मुकदमों का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर नहीं किया जा रहा है। पीठासीन अधिकारी केवल औपचारिकता निभाते हुए साक्ष्य के अभाव का हवाला देकर मामलों को निरस्त कर दे रहे हैं, जिससे वादकारियों को न्याय मिलने में बाधा हो रही है।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि इस स्थिति से अधिवक्ताओं और वादकारियों में भारी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालयों में हो रहे इस प्रकार के भ्रष्टाचार से सभी लोग परिचित हैं, इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर 17 मार्च को अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात करेगा। इस दौरान उन्हें राजस्व और चकबंदी न्यायालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार की स्थिति से अवगत कराया जाएगा और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की जाएगी। राजेश मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि डीएम से मुलाकात के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो अधिवक्ता आगे की रणनीति तय करने के लिए फिर बैठक करेंगे।
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अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि राजस्व और चकबंदी अदालतों में दायर मुकदमों का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर नहीं किया जा रहा है। पीठासीन अधिकारी केवल औपचारिकता निभाते हुए साक्ष्य के अभाव का हवाला देकर मामलों को निरस्त कर दे रहे हैं, जिससे वादकारियों को न्याय मिलने में बाधा हो रही है।
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जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि इस स्थिति से अधिवक्ताओं और वादकारियों में भारी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालयों में हो रहे इस प्रकार के भ्रष्टाचार से सभी लोग परिचित हैं, इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर 17 मार्च को अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात करेगा। इस दौरान उन्हें राजस्व और चकबंदी न्यायालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार की स्थिति से अवगत कराया जाएगा और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की जाएगी। राजेश मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि डीएम से मुलाकात के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो अधिवक्ता आगे की रणनीति तय करने के लिए फिर बैठक करेंगे।
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