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मजदूरी के लिए बीडीओ का घेराव
ब्यूरो/ अमर उजाला /चंदौली
Updated Sat, 09 Jul 2016 02:06 AM IST
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मनरेगा मजदूरी का भुगतान न किए जाने से नाराज क्षेत्र के मंझगांवा ग्राम पंचायत के तेंदुआं गांव की महिला मजदूरों ने शुक्रवार को विकास खंड कार्यालय पहुंचकर खंड विकास अधिकारी गया प्रसाद सिंह का घेराव कर दिया। इस दौरान महिला मजदूरों ने शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। खंड विकास अधिकारी द्वारा एक सप्ताह के भीतर मजदूरी का भुगतान किए जाने के आश्वासन पर महिलाएं मानीं।
ग्राम पंचायत मंझगांवा में जनवरी औैर मार्च माह में मनरेगा के तहत खेत समतलीकरण का कार्य कराया गया था। इसमें कार्य करने वाली एक दर्जन महिला मजदूरों का मस्टरोल रोजगार सेवक द्वारा विकास खंड कार्यालय को न प्रेषित किए जाने से तीन माह बाद भी
मजदूरी का भुगतान नहीं हो सका। इस दौरान मजदूरों का कहना था कि मनरेगा के तहत कार्य करने के तीन माह बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। पंचायत मित्र पर फर्जी मस्टरोल भरकर अपात्रों के बैंक खातों में धन भेजवाने का आरोप लगाया। जबकि पात्र लोग मजदूरी नहीं मिलने से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
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महिला मजदूरों की समस्या सुनने के बाद बीडीओ ने एक सप्ताह के भीतर मजदूरी का भुगतान कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने सचिव सत्येंद्र श्रीवास्तव को तीन दिनों के भीतर गांव में खुली बैठक कराकर दोषी पाए जाने पर पंचायत मित्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश भी दिया।
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ग्राम पंचायत मंझगांवा में जनवरी औैर मार्च माह में मनरेगा के तहत खेत समतलीकरण का कार्य कराया गया था। इसमें कार्य करने वाली एक दर्जन महिला मजदूरों का मस्टरोल रोजगार सेवक द्वारा विकास खंड कार्यालय को न प्रेषित किए जाने से तीन माह बाद भी
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मजदूरी का भुगतान नहीं हो सका। इस दौरान मजदूरों का कहना था कि मनरेगा के तहत कार्य करने के तीन माह बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। पंचायत मित्र पर फर्जी मस्टरोल भरकर अपात्रों के बैंक खातों में धन भेजवाने का आरोप लगाया। जबकि पात्र लोग मजदूरी नहीं मिलने से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
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महिला मजदूरों की समस्या सुनने के बाद बीडीओ ने एक सप्ताह के भीतर मजदूरी का भुगतान कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने सचिव सत्येंद्र श्रीवास्तव को तीन दिनों के भीतर गांव में खुली बैठक कराकर दोषी पाए जाने पर पंचायत मित्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश भी दिया।