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पंकज बाबा पर हो कार्रवाई
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 19 Oct 2016 01:33 AM IST
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प्रदर्शन करते पशुपालक।
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कटेसर गांव में जय गुरुदेव ट्रस्ट के सत्संग के दौरान फेंके गए भोजन को खाने से सोमवार को 26 पशुओं की हुई मौत पर ग्रामीण सीधे पंकज बाबा को दोषी मान रहे हैं। मंगलवार को गांव में दो और बीमार पशुओं की मौत हो गई, जबकि 22 पशु बीमार हैं। गांव में लोगों ने प्रदर्शन करके बाबा पर कार्रवाई के साथ ही मृत पशुओं के बदले उचित मुआवजा देने की मांग की है। जिलाधिकारी ने कहा है कि पशुओं के मौत के कारणों की जांच की जाएगी। इसके बाद पशुपालकों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
दो दिन चले सत्संग के दौरान आए लोगों ने भंडारे के बचे हुए खाने के सामान को जगह-जगह फेंक दिया था। इसे खाने के बाद सोमवार की शाम से पशुओं के मरने का सिलसिला शुरू हुआ, जो मंगलवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों ने इसके लिए प्रशासन को दोषी मानकर पंकज बाबा पर कार्रवाई और मृत पशुओं के मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कटेसर गांव की पीड़ित माया देवी कहना है कि मंगलवार को पशु चिकित्सक आए और बीमार गाय को इंजेक्शन लगाया।
थोड़ी देर बाद ही गाय छटपटा कर गिरी और दम तोड़ दिया। मृत जरसी गाय की कीमत एक लाख थी। इसी गांव के भोला यादव ने बताया कि उनकी दो गायें बीमार हैं। मंगलवार की सुबह चिकित्सकों ने इंजेक्शन लगाया लेकिन स्थिति बहुत अच्छी नहीं है।
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वहीं पशुपालकों ने कहा कि पशु जीविका का सहारा थे। पशुओं की मौत से हमलोगों को काफी क्ष्ाति हुई है। मृत पशुओं का मुआवजा नहीं मिला तो हम गरीब लोग आर्थिक संकट में फंस जाएंगे। डोमरी गांव के पप्पू ने बताया कि सोमवार की देर शाम उसके तीन जरसी गायों की मौत हो गई और चार पशु बीमार हैं। एक की हालत गंभीर है। वहीं 12 मवेशियों में इस समय पांच ही ठीक बचे हैं।
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दो दिन चले सत्संग के दौरान आए लोगों ने भंडारे के बचे हुए खाने के सामान को जगह-जगह फेंक दिया था। इसे खाने के बाद सोमवार की शाम से पशुओं के मरने का सिलसिला शुरू हुआ, जो मंगलवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों ने इसके लिए प्रशासन को दोषी मानकर पंकज बाबा पर कार्रवाई और मृत पशुओं के मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कटेसर गांव की पीड़ित माया देवी कहना है कि मंगलवार को पशु चिकित्सक आए और बीमार गाय को इंजेक्शन लगाया।
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थोड़ी देर बाद ही गाय छटपटा कर गिरी और दम तोड़ दिया। मृत जरसी गाय की कीमत एक लाख थी। इसी गांव के भोला यादव ने बताया कि उनकी दो गायें बीमार हैं। मंगलवार की सुबह चिकित्सकों ने इंजेक्शन लगाया लेकिन स्थिति बहुत अच्छी नहीं है।
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वहीं पशुपालकों ने कहा कि पशु जीविका का सहारा थे। पशुओं की मौत से हमलोगों को काफी क्ष्ाति हुई है। मृत पशुओं का मुआवजा नहीं मिला तो हम गरीब लोग आर्थिक संकट में फंस जाएंगे। डोमरी गांव के पप्पू ने बताया कि सोमवार की देर शाम उसके तीन जरसी गायों की मौत हो गई और चार पशु बीमार हैं। एक की हालत गंभीर है। वहीं 12 मवेशियों में इस समय पांच ही ठीक बचे हैं।