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भारत बंद आंदोलन के समर्थन में जुलूस, प्रदर्शन
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:27 AM IST
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चंदौली। अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एससी-एसटी एक्ट) को लेकर आए न्यायालय के फैसले के विरोध में सोमवार को आयोजित भारत बंद आंदोलन के समर्थन में विभिन्न संगठनों ने मुख्यालय पर जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। दलित संगठनों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी की और फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।
बसपा कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार के नेतृत्व में शंकर मोड़ से जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं में गुस्सा था। जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार दलित विरोधी हैं। सरकार दलितों का अधिकार समाप्त करना चाहती है। एससी-एसटी एक्ट को लेकर जो फैसला आया है वह सरकार की दूषित मानसिकता का परिचायक है। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम जियालाल सरोज को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर मुकेश कुमार, तिलकधारी बिंद, घनश्याम प्रधान, बृजेश बिंद, गुलशेर आदि रहे। वहीं दूसरी तरफ अनुसूचित जाति-जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के सदस्यों ने भी सदर ब्लाक परिसर में सभा कर फैसले के विरोध में आवाज उठाई। कहा कि दलितों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एससी-एसटी एक्ट बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन तेज होगा। समाजवादी अनुसूचित जाति, जनजाति प्रकोष्ठ ने भी पार्टी कार्यालय पर बैठक कर भारत बंद आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गुलाब चंद, सत्यनारायण राजभर, निरंजन आदि रहे।
बसपा कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार के नेतृत्व में शंकर मोड़ से जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं में गुस्सा था। जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार दलित विरोधी हैं। सरकार दलितों का अधिकार समाप्त करना चाहती है। एससी-एसटी एक्ट को लेकर जो फैसला आया है वह सरकार की दूषित मानसिकता का परिचायक है। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम जियालाल सरोज को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर मुकेश कुमार, तिलकधारी बिंद, घनश्याम प्रधान, बृजेश बिंद, गुलशेर आदि रहे। वहीं दूसरी तरफ अनुसूचित जाति-जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के सदस्यों ने भी सदर ब्लाक परिसर में सभा कर फैसले के विरोध में आवाज उठाई। कहा कि दलितों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एससी-एसटी एक्ट बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन तेज होगा। समाजवादी अनुसूचित जाति, जनजाति प्रकोष्ठ ने भी पार्टी कार्यालय पर बैठक कर भारत बंद आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गुलाब चंद, सत्यनारायण राजभर, निरंजन आदि रहे।
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