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खाद और पानी के संकट से जूझ रहे किसान
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पीडीडीयू नगर। धान की कटाई के बाद गेहूं की बुआई लगभग हो चुकी है। अधिकांश जगहों पर पहली सिंचाई होने के बाद अब खाद की किसानों की सख्त जरूरत है, लेकिन समितियों पर इन दिनों न तो प्रर्याप्त खाद है और न ही नहरों में पानी है। समितियों पर खाद नहीं मिलने से किसानों को बाजार से महंगे दामों पर यूरिया खरीदना पड़ रहा है। वहीं नहरों में पानी नहीं होने से किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां पानी से गेहूं की फसल बर्बाद हो रही है तो कई इलाकों में पानी के अभाव में खराब होने की कगार पर है।
जिले में करीब 1.40 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुआई की गई है। इसके लिए तकरीबन अभी पांच हजार मीट्रिक टन खाद की जरूरत है, लेेकिन खाद न होने से दिक्क्त हो रही है। जिले के नियामताबाद, कंदवा, बबुरी, पचोखर, चकिया, चहनिया और सकलडीहा क्षेत्र में संचालित सहकारी साधन समितियों पर खाद नहीं होने से किसान चक्कर काट रहे हैं। पचोखर में दो सप्ताह से यूरिया की किल्लत चल रही है। वहीं बबुरी में समिति से खाद गायब है। इसके चलते निजी दुकानों पर महंगे दामों पर खाद बेची जा रही है। अभी चार दिन पहले शिकायत मिलने पर कृषि विभाग की टीम ने छापेमारी भी की थी, जिसमें निजी दुकानों पर महंगे दामों पर यूरिया बेचते हुए पाई गई थी और लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था।
इसी तरह सिंचाई के लिए पानी का भी संकट है। जहां एक ओर शहाबगंज इलाके में भस्करपुर में छोटे रजवाहे का तटबंध टूट गया था और पखनपुरा में शुक्रवार की देर रात लेफ्ट कर्मनाशा से निकली नहर का बंधा टूटने से इलाके की करीब 100 एकड़ गेहूं की फसल डूब गई थी। वहीं दूसरी ओर इलिया और चकिया क्षेत्र में नहरों में पानी नहीं आने से सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। किसान नहरों में जगह-जगह इकठ्ठा पानी को पंप के सहारे लिफ्ट कर गेहूं की सिंचाई कर रहे हैं। जिले में खाद और पानी की समुचित उपलब्धता न होने से किसान परेशान हैं।
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किसानों को खाद की दिक्क्त न हो इसके लिए एक रैक खाद मंगाई गई है। इसे समितियों पर भेजा जा रहा है। जल्द ही जरूरत के अनुसार और खाद मंगाकर समितियों पर भेज दिया जाएगा। -राजीव भारती, जिला कृषि अधिकारी चंदौली
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शहाबगंज में टूटे तटबंध की मरम्मत करा दी गई है। साथ ही जिन क्षेत्रों में नहरों में पानी नहीं है, वहां जरूरत के अनुसार पानी छोड़ा जा रहा है। कई क्षेत्रों में किसानों के कहने पर ही नहर का पानी बंद किया गया है, ताकि फसल खराब न हो।- जेपी वर्मा, एक्सईएन सिंचाई विभाग
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जिले में करीब 1.40 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुआई की गई है। इसके लिए तकरीबन अभी पांच हजार मीट्रिक टन खाद की जरूरत है, लेेकिन खाद न होने से दिक्क्त हो रही है। जिले के नियामताबाद, कंदवा, बबुरी, पचोखर, चकिया, चहनिया और सकलडीहा क्षेत्र में संचालित सहकारी साधन समितियों पर खाद नहीं होने से किसान चक्कर काट रहे हैं। पचोखर में दो सप्ताह से यूरिया की किल्लत चल रही है। वहीं बबुरी में समिति से खाद गायब है। इसके चलते निजी दुकानों पर महंगे दामों पर खाद बेची जा रही है। अभी चार दिन पहले शिकायत मिलने पर कृषि विभाग की टीम ने छापेमारी भी की थी, जिसमें निजी दुकानों पर महंगे दामों पर यूरिया बेचते हुए पाई गई थी और लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था।
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इसी तरह सिंचाई के लिए पानी का भी संकट है। जहां एक ओर शहाबगंज इलाके में भस्करपुर में छोटे रजवाहे का तटबंध टूट गया था और पखनपुरा में शुक्रवार की देर रात लेफ्ट कर्मनाशा से निकली नहर का बंधा टूटने से इलाके की करीब 100 एकड़ गेहूं की फसल डूब गई थी। वहीं दूसरी ओर इलिया और चकिया क्षेत्र में नहरों में पानी नहीं आने से सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। किसान नहरों में जगह-जगह इकठ्ठा पानी को पंप के सहारे लिफ्ट कर गेहूं की सिंचाई कर रहे हैं। जिले में खाद और पानी की समुचित उपलब्धता न होने से किसान परेशान हैं।
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किसानों को खाद की दिक्क्त न हो इसके लिए एक रैक खाद मंगाई गई है। इसे समितियों पर भेजा जा रहा है। जल्द ही जरूरत के अनुसार और खाद मंगाकर समितियों पर भेज दिया जाएगा। -राजीव भारती, जिला कृषि अधिकारी चंदौली
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शहाबगंज में टूटे तटबंध की मरम्मत करा दी गई है। साथ ही जिन क्षेत्रों में नहरों में पानी नहीं है, वहां जरूरत के अनुसार पानी छोड़ा जा रहा है। कई क्षेत्रों में किसानों के कहने पर ही नहर का पानी बंद किया गया है, ताकि फसल खराब न हो।- जेपी वर्मा, एक्सईएन सिंचाई विभाग