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ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर एके गोयल ने किया एनसीसी बटालियन का निरीक्षण
Updated Fri, 25 Aug 2017 01:15 AM IST
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मुगलसराय। नगर स्थित एनसीसी 91 यूपी बटालियन का वार्षिक निरीक्षण गुरुवार को ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर एके गोयल ने किया। इस दौरान उन्होंने बटालियन के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और दिशा निर्देश दिया। उन्होंने छात्र सैनिकों को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया।
ब्रिगेडियर के पहुंचने पर सबसे पहले कर्नल टीएस कैरोन व सूबेदार मेजर वीर बहादुर यादव ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद छात्र सैनिकों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान ब्रिगेडियर एके गोयल ने कहा कि किसी भी देश या राष्ट्र का भविष्य वहां के छात्रों पर ही निर्भर करता है । यदि वहां के छात्र सच्चरित्र, विनीत, सुशील, सहिष्णु कर्तव्यनिष्ठ एवं अनुशासन-प्रिय होंगे तो राष्ट्र अवश्य सुखी, संपन्न, समुन्नत और प्रगतिशील होगा क्योंकि आज के छात्र कल के कर्णधार होते हैं। अनुशासन छात्र-जीवन का प्राण है । अनुशासनहीन छात्र न तो अपने देश का सभ्य नागरिक बन सकता है और न अपने व्यक्तिगत जीवन में ही सफल हो सकता है । यों तो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अनुशासन की परम आवश्यकता है। इस मौके पर मेजर अमरेंद्र सिंह, मेजर आरएन सिंह, लेफ्टिनेंट सत्यमूर्ति ओझा, अशोक त्रिपाठी, कामेश सिंह, अंगद तिवारी, सूबेदार केसर सिंह, कुंदन सिंह, धर्मेंद्र सिंह, एच शर्मा, संजीव सिंह आदि रहे।
ब्रिगेडियर के पहुंचने पर सबसे पहले कर्नल टीएस कैरोन व सूबेदार मेजर वीर बहादुर यादव ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद छात्र सैनिकों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान ब्रिगेडियर एके गोयल ने कहा कि किसी भी देश या राष्ट्र का भविष्य वहां के छात्रों पर ही निर्भर करता है । यदि वहां के छात्र सच्चरित्र, विनीत, सुशील, सहिष्णु कर्तव्यनिष्ठ एवं अनुशासन-प्रिय होंगे तो राष्ट्र अवश्य सुखी, संपन्न, समुन्नत और प्रगतिशील होगा क्योंकि आज के छात्र कल के कर्णधार होते हैं। अनुशासन छात्र-जीवन का प्राण है । अनुशासनहीन छात्र न तो अपने देश का सभ्य नागरिक बन सकता है और न अपने व्यक्तिगत जीवन में ही सफल हो सकता है । यों तो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अनुशासन की परम आवश्यकता है। इस मौके पर मेजर अमरेंद्र सिंह, मेजर आरएन सिंह, लेफ्टिनेंट सत्यमूर्ति ओझा, अशोक त्रिपाठी, कामेश सिंह, अंगद तिवारी, सूबेदार केसर सिंह, कुंदन सिंह, धर्मेंद्र सिंह, एच शर्मा, संजीव सिंह आदि रहे।
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