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Chandauli News: पीडीडीयू जंक्शन और 17 रेलवे कॉलोनियों से रोज निकल रहा 7 टन कूड़ा, निस्तारण का समुचित इंतजाम नहीं

Sat, 06 Jun 2026 02:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 02:08 AM IST
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7 tonnes of garbage is being generated daily from Pt. Deen Dayal Upadhyay Junction and 17 railway colonies, but there is no proper arrangement for disposal.
चकिया तिराहे पर कूड़े में लगी आग से उठता धुंआ। संवाद - फोटो : 1
पीडीडीयू जंक्शन और रेलवे के 17 कॉलोनियों से रोजाना 7 टन कूड़ा निकलता है। कूड़े के सुरक्षित निस्तारण पर रेलवे ध्यान नहीं दे रहा है। कूड़े को खाली स्थानों पर डंप किया जाता है। कूड़े में अक्सर शरारती तत्व आग लगा देते हैं। धुंए से कॉलोनी के लोगों को परेशानी होती है। जिले की एकमात्र नगर पालिका से रोजाना 49 टन कूड़ा निकलता है। पालिका की ओर से कूड़ा निस्तारण के लिए सलेमपुर में डंपिंग यार्ड बनाया गया है। वहीं दूसरी तरफ रेलवे के 17 कॉलोनियों और पीडीडीयू जंक्शन से निकलने वाले कूड़े को जगह-जगह डंप कर दिया जा रहा है। पहले पीडीडीयू जंक्शन के समीप ही कूड़ा एकत्र किया जाता था। अब स्टेशन के दक्षिणी प्रवेश द्वार के समीप कूड़ा डंप किया जाता है। रेलवे की ओर से प्लांट डिपो, लोको कॉलोनी के समीप रेलवे क्वार्टर के पास और हृदयपुर गांव के समीप कूड़े की डंपिंग कराई जा रही है। अक्सर ही इन स्थानों पर आग लग जाती है। जीटीआर ब्रिज के समीप लोको कॉलोनी के पास से पिछले माह कूड़े में आग लग गई थी। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई। लोको कॉलोनी के पास लगातार आग लगने की घटना के बाद डीआरएम उदय सिंह मीना ने अधिकारियेां के साथ निरीक्षण किया था। इस दौरान नगर पालिका के अधिकारियों से भी वार्ता की गई और यहां कूड़ा न फेंकने की हिदायत दी गई। आश्वासन दिया गया कि अब यहां कूड़ा जलाने जैसी घटनाएं नहीं होगी। पीडीडीयू नगर। रेलवे की ओर से कूड़ा निस्तारण के लिए छह वर्ष पहले वेस्ट कंपोस्ट प्लांट बनाया गया। 31 लाख की लागत से बने इस प्लांट से रसोई गैस का उत्पादन किया जाना था। कूड़े से तैयार रसोई गैस चालक और गार्ड के लिए रनिंग रूम में बने किचेन में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होना था लेकिन निर्माण के बाद यह सफल नहीं हुआ। वर्तमान में पीडीडीयू जंक्शन से रोजाना 3 टन कूड़ा निकलता है। इसमें डेढ़ टन से अधिक गीला कूड़ा होता है। इसी तरह रेलवे कॉलोनियों से रोजाना 4 टन कूड़ा निकलता है। रेलवे प्रशासन के अनुसार रेलवे कॉलोनियों में 20 हजार लोग रहते हैं।
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अशोक पाल , हृदयपुर ने कहा कि कूड़ा बड़ी समस्या है। रेलवे को इसके लिए योजना तैयार करनी चाहिए। आबादी वाली भूमि के आस-पास कूड़ा फेंके जाने से आस पास गंदगी होती है। यही नहीं अक्सर इसमें आग लग जाती है। धुंए से लोगों को परेशानी होती है। राजकीय महिला चिकित्सालय पीडीडीयू नगर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके चतुर्वेदी का कहना है कि कूड़े में प्लास्टिक के अलावा धातु होते हैं। इनके जलने से निकलने वाले धुएं के लगातार संपर्क में रहने से व्यक्ति टीबी, अस्थमा से पीड़ित हो सकता है। कूड़े में आग लगने पर लोगों को मॉस्क का प्रयोग करना चाहिए। बताया कि कूड़े-कचरे के धुएं से लोगों को लीवर व पेट संबंधी बीमारियों के साथ सांस, त्वचा, आंख, खून व फेफड़ों संबंधी बीमारियां होने का खतरा अधिक रहता है। बताया कि कूड़े को कभी नहीं जलाना चाहिए।
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विश्वनाथ, मंडल जनसंपर्क अधिकारी, पीडीडीयू मंडल ने कहा कि रेलवे से निकले कूड़े के सुरक्षित निस्तारण का पूरा ख्याल रखा जाता है। वर्तमान में हृदयपुर के पास रेलवे की भूमि पर कूड़ा डंप किया जा रहा है। इसके स्थायी निस्तारण के लिए भी योजना तैयार की जा रही है।
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