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Chandauli News: खाद लेने के लिए पहुंचे 500 किसान, सिर्फ 92 को मिली
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चहनियां में साधन सहकारी समिति से खरीदारी करते लोग। संवाद
चहनिया। खरीफ के सीजन में खाद का संकट गहराता जा रहा है। शुक्रवार को लक्ष्मणगढ़ स्थित साधन सहकारी समिति पर डीएपी खाद के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 500 से ज्यादा किसान समिति पहुंच गए, लेकिन सीमित स्टॉक के कारण केवल 92 किसानों को ही खाद मिल सकी। बाकी 400 से ज्यादा किसानों को बिना खाद के निराश लौटना पड़ा।
किसान शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे से ही समिति परिसर में लाइन लगाकर खड़े हो गए थे। दोपहर तक तेज धूप में छह घंटे इंतजार करने के बावजूद अधिकांश किसानों को खाद नहीं मिल सकी।
किसानों का आरोप है कि समिति परिसर में न तो पीने के पानी की व्यवस्था थी और न ही धूप से बचने के लिए छांव का इंतजाम। बुजुर्ग किसान सिर पर गमछा बांधकर लाइन में खड़े रहे, जबकि कई किसानों की तबीयत भी गर्मी के कारण बिगड़ने लगी। समिति के बाहर सड़क किनारे 200 से अधिक बाइक खड़ी थीं।
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परिसर के अंदर खाद वितरण को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। किसानों का कहना था कि कई लोगों ने पहले ही आधार कार्ड जमा कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उनका नंबर नहीं आया।
किसानों ने बताया कि समिति पर खाद का स्टॉक बेहद कम पहुंचा था। पहले नंबर वाले किसानों को ही खाद मिल सकी। एक किसान ने कहा कि सुबह से लाइन में खड़े रहने के बाद जब नंबर आया तो कर्मचारियों ने खाद खत्म होने की जानकारी दी।
अब 10 किलोमीटर दूर से दोबारा आना पड़ेगा। दूसरे किसान ने बताया कि चार घंटे से अधिक समय तक धूप में खड़े रहने के बाद भी खाद नहीं मिली। ऐसे में समय पर बुवाई कैसे होगी, इसकी चिंता सता रही है।
समिति सचिव चंद्रभान यादव ने बताया कि डीएपी की जितनी बोरियां मिली थीं, उनका पूरा वितरण दे दिया गया है। कुल 92 किसानों को खाद दी गई है। उन्होंने कहा कि अगली खेप आते ही बाकी किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों ने प्रशासन से पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बुवाई प्रभावित न हो।
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किसान शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे से ही समिति परिसर में लाइन लगाकर खड़े हो गए थे। दोपहर तक तेज धूप में छह घंटे इंतजार करने के बावजूद अधिकांश किसानों को खाद नहीं मिल सकी।
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किसानों का आरोप है कि समिति परिसर में न तो पीने के पानी की व्यवस्था थी और न ही धूप से बचने के लिए छांव का इंतजाम। बुजुर्ग किसान सिर पर गमछा बांधकर लाइन में खड़े रहे, जबकि कई किसानों की तबीयत भी गर्मी के कारण बिगड़ने लगी। समिति के बाहर सड़क किनारे 200 से अधिक बाइक खड़ी थीं।
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परिसर के अंदर खाद वितरण को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। किसानों का कहना था कि कई लोगों ने पहले ही आधार कार्ड जमा कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उनका नंबर नहीं आया।
किसानों ने बताया कि समिति पर खाद का स्टॉक बेहद कम पहुंचा था। पहले नंबर वाले किसानों को ही खाद मिल सकी। एक किसान ने कहा कि सुबह से लाइन में खड़े रहने के बाद जब नंबर आया तो कर्मचारियों ने खाद खत्म होने की जानकारी दी।
अब 10 किलोमीटर दूर से दोबारा आना पड़ेगा। दूसरे किसान ने बताया कि चार घंटे से अधिक समय तक धूप में खड़े रहने के बाद भी खाद नहीं मिली। ऐसे में समय पर बुवाई कैसे होगी, इसकी चिंता सता रही है।
समिति सचिव चंद्रभान यादव ने बताया कि डीएपी की जितनी बोरियां मिली थीं, उनका पूरा वितरण दे दिया गया है। कुल 92 किसानों को खाद दी गई है। उन्होंने कहा कि अगली खेप आते ही बाकी किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों ने प्रशासन से पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बुवाई प्रभावित न हो।