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अब टैक्स चोरी पर नजर रखेगी आरएफआईडी डिवाइस

Sun, 04 Nov 2018 01:01 AM IST
Updated Sun, 04 Nov 2018 01:01 AM IST
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अब टैक्स चोरी पर नजर रखेगी आरएफआईडी डिवाइस

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सैयदराजा। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) और ई-वेबिल लागू होने के बाद भी बड़े पैमाने पर हो रहे कर हो रही है और राजस्व का नुकसान हो रहा है। वाणिज्यकर विभाग इसको रोकने के प्रयास में लग गया है। इसके लिए विभाग ने रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) टावर नौबतपुर में लगाया है। इस टावर से कनेक्ट करने के लिए मॉलवाहक वाहनों में चिप (टैगिंग) लगाई जा रही है। चिप को वाहन संख्या से लिंक कर टावर से कनेक्ट किया गया है। इससे न सिर्फ ई-वेबिल में गड़बड़ी कर माल ले जा रहे लोगों पर नकेल कसेगी बल्कि वाहन का लोकेशन भी पता चल जाएगा। इससे यह पता चल सकेगा कि वाहन में लदे मॉल का ई-वेबिल फर्जी है या सही, साथ ही वाहन कहां से चला है और कहां पहुंचा है। इसकी भी जानकारी हो जाएगी।
प्रदेश सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश में एक नवंबर से लागू की है। वाहनों में चिप लगाने का काम कार्यदायी संस्था यूपीडेस्को को दी गई है। अब तक 3000 वाहनों में चिप लगाई जा चुकी है। यह व्यवस्था यहां सफल होने के बाद इसे पूरे देश में लागू की जाएगी। आरएफआईडी डिवाइस टावर से मॉल वाहनों की पूरी जानकारी एक पल में वाणिज्य विभाग को मिल जाएगी। नौबतपुर में आरएफआईडी टावर बनकर तैयार हो चुका है और एक नवंबर से काम भी शुरू कर दिया है। आरएफआईडी टैग (चिप) वाहन संख्या से लिंक रहेगा। जब कोई भी माल जहां से उस वाहन पर लोड होगा वहां की कंपनी ई-वे-बिल वाहन संख्या को डालकर जेनरेट करेगी जिससे आरएफआईडी टैग में सारे डेटा आ जाएंगे और जैसे ही आरएफआईडी टैग लगे वाहन आरएफआईडी टावर से गुजरेंगे तो इस गाड़ी की पूरी मॉनिटरिंग कंप्यूटर पर बैठे वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कर लेंगे।
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इनसेट
आरएफआईडी ऐसे करेगा काम
यदि कोई भी मॉल वाहन जिसमें आरएफआईडी टैग (चिप) लगा होगा जैसे ही नौबतपुर में बने आरएफआईडी टावर की रेंज में आएगा तुरंत उस गाड़ी की सारी डिटेल वाणिज्य कर विभाग के कंप्यूटर में आ जाएगी। इसमें मॉल कहां से चला है कहां जाना है, कितने का कौन सा मॉल है इसका पता चल सकेगा। जिससे गुड सर्विस टैक्स की चोरी तथा ई-वेबिल में गड़बड़ी का पता चल जाएगा। सभी माल वाहन स्वामियों को अपनी गाड़ी में आरएफआईडी टैग लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसे लगाने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार ने यूपी डेस्को कंपनी को दिया है। प्रत्येक वाहन में 100 रुपये में एक साल की वैधता के साथ चिप लगाई जा रही है। अब तक तीन हजार वाहनों में चिप को लगाया जा चुके हैं।
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कोट ...
ई-वेबिल में गड़बड़ी और टैक्स चोरी रोकने के लिए आरएफआईडी टावर नौबतपुर में बनाया गया है। इसके लिए मालवाहनों में चिप लगाया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी यूपी डेस्को को दी गई है। अब तक तीन हजार वाहनों को चिप लगाया जा चुका है। इससे बिल में फर्जीवाड़ा और टैक्स चोरी को रोका जा सकेगा। । यह व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू की गई है। बाद में इसे देशभर में लागू किया जाएगा। ओपी तिवारी, डिप्टी कमिश्नर, विशेष अनुसंधान शाखा, वाणिज्यकर विभाग
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