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प्रदेश में सबसे अधिक खसरा मरीज चंदौली में
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:36 AM IST
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मुगलसराय। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रति वर्ष जनपद में लाखों रुपये खर्च किया जाता है, लेकिन इसके बाद भी पूरे प्रदेश में सबसे अधिक खसरा रोगी चंदौली में मिले है। इसका खुलासा हेल्थ मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम की ओर से सभी जिलों में खसरा प्रभावित मरीजों का सर्वे कराने के बाद जारी रिर्पोट में हुआ है। इसमें बताया गया है कि जनपद में सबसे अधिक 641 मरीज पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के एचएमआईएस (हेल्थ मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम) की ओर से सभी जिलों में खसरा प्रभावित मरीजों का सर्वे किया गया है। इस रिपोर्ट में प्रदेश में खसरे के कुल 4789 मरीजों में 4758 मरीज सरकारी तथा 31 मरीज निजी अस्पतालों में मिले। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में मरीजों की संख्या 4181 है जबकि शहरी क्षेत्रों में मात्र 608 मरीज मिले हैं। इसमें सबसे अधिक चंदौली 641 मरीज पाए गए हैं। जबकि सोनभद्र में 226, मिर्जापुर में 212, वाराणसी में 103 तथा भदोही में छह खसरे के मरीजों की पुष्टि हुई है।
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क्या हैं बीमारी के लक्षण
जिला चिकित्सालय चंदौली के बाल रोग विशेषज्ञ डा. रियाज ने बताया कि संक्रमित मरीज के सांस के जरिए नौ माह से 10 वर्ष तक के बच्चों में यह बीमारी होने की संभावना सबसे अधिक होती है। गले में दर्द, खांसी, जुकाम, नाक से पानी बहने के साथ रोगी की आंखों में लाली, सूजन व खुजली होती है।
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खसरे से बचाव के उपाय
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एनपी चौधरी का कहना है कि खसरे से बचाव के लिए टीके की दो खुराक लगाई जाती है। पहली खुराक नौ से 12 महीने की उम्र के बीच तथा दूसरी 16 से 24 माह की उम्र के बीच दी जाती है। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डा. उमाशरण पांडेय खसरे से बीमार बच्चे से दूसरे बच्चों को दूर रखना चाहिए और साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कोट...
खसरे से बचाव के लिए टीका लगाया जाता है। यदि टीके लगाने का कोटा पूरा होने के बाद खसरा फैलता है तो इसके लिए विभाग की ओर से साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जाता है। खसरे के मरीजों की संख्या बढ़ने पर उसके बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही जरूरत के अनुसार टीके भी लगाए जाएंगे। पीके मिश्र, सीएमओ