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चार वर्ष से वेतन न मिलने पर सचिवों ने दिया सामूहिक त्याग पत्र
Updated Fri, 03 Nov 2017 12:58 AM IST
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चंदौली। पिछले चार वर्षो से बिना वेतन के कार्य कर रहे सहकारी समिति के सचिवों ने गुरुवार को सामूहिक त्याग पत्र सहायक आयुक्त निबंधक को सौंप दिया। इनके सामूहिक त्याग पत्र के बाद जिले के 83 सहकारी समितियों पर ताला लटक गया। जबकि रवि की बुआई धीरे-धीरे शुरू होने को है। ऐसी स्थिति में किसानों को परेशानी का सामना कर पड़ेगा। वहीं इन लोगों के सामूहिक त्याग पत्र को एआर कोआपरेटिव वीके अग्रवाल ने शासन को भेजने का आश्वासन दिया है।
जिले में कुल 83 साधन सहकारी समितियां हैं जहां से किसानों को रवि व खरीफ के सीजन में खाद व बीज की उपलब्धता कराई जाती है। वहीं कुछ ऐसे भी साधन सहकारी समिति है जहां पर धान व गेंहू के लिए क्रय केंद्र की स्थापना की जाती है। इन केंद्रों पर तैनात होने वाले सचिवों को पिछले चार वर्ष से वेतन नहीं दिया जा रहा है। जिसकी मांग को लेकर यह सभी लोग पिछले 11 अक्तूबर से 16 अक्तूबर तक धरना प्रदर्शन कर अपनी मांग को रख चुके हैं। जिसपर शासन द्वारा कुछ दिनों का समय मांगा गया था। 28 अक्तूबर को पुन: सचिवों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग को रखा। कोई कार्यवाई न होने पर यह लोग सामूहिक त्याग पत्र देने की चेतावनी भी दिए थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सामूहिक त्याग पत्र दे दिया। इस दौरान जिला महामंत्री महेंद्र नाथ ने बताया कि पिछले चार वर्षों से सरकार सचिवों का वेतन नहीं दे रही है। लेकिन कार्य में कोई कमी नहीं मिल रही है। समय पर किसानों को खाद बीज उपलब्ध कराने आदि की जिम्मेदारी रहती है। इसके बाद भी एक दो वर्ष की तो दूर पिछले चार वर्ष से वेतन नहीं दिया जा रहा है। इन लोगों के त्याग पत्र को एआर कोआपरेटिव वीके अग्रवाल ने शासन को भेजने का आश्वासन दिया। वहीं उन्होंने किसानों के सामने आने वाली परेशानी को देखते हुए कहा कि सरकार से सचिवों के बकाया वेतन की आख्या मांगी गई है। उसे शासन को भेजा भी गया है। वहीं इन लोगों के त्यागपत्र को भी भेजा जाएगा। वहां से दिशा निर्देश मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।
जिले में कुल 83 साधन सहकारी समितियां हैं जहां से किसानों को रवि व खरीफ के सीजन में खाद व बीज की उपलब्धता कराई जाती है। वहीं कुछ ऐसे भी साधन सहकारी समिति है जहां पर धान व गेंहू के लिए क्रय केंद्र की स्थापना की जाती है। इन केंद्रों पर तैनात होने वाले सचिवों को पिछले चार वर्ष से वेतन नहीं दिया जा रहा है। जिसकी मांग को लेकर यह सभी लोग पिछले 11 अक्तूबर से 16 अक्तूबर तक धरना प्रदर्शन कर अपनी मांग को रख चुके हैं। जिसपर शासन द्वारा कुछ दिनों का समय मांगा गया था। 28 अक्तूबर को पुन: सचिवों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग को रखा। कोई कार्यवाई न होने पर यह लोग सामूहिक त्याग पत्र देने की चेतावनी भी दिए थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सामूहिक त्याग पत्र दे दिया। इस दौरान जिला महामंत्री महेंद्र नाथ ने बताया कि पिछले चार वर्षों से सरकार सचिवों का वेतन नहीं दे रही है। लेकिन कार्य में कोई कमी नहीं मिल रही है। समय पर किसानों को खाद बीज उपलब्ध कराने आदि की जिम्मेदारी रहती है। इसके बाद भी एक दो वर्ष की तो दूर पिछले चार वर्ष से वेतन नहीं दिया जा रहा है। इन लोगों के त्याग पत्र को एआर कोआपरेटिव वीके अग्रवाल ने शासन को भेजने का आश्वासन दिया। वहीं उन्होंने किसानों के सामने आने वाली परेशानी को देखते हुए कहा कि सरकार से सचिवों के बकाया वेतन की आख्या मांगी गई है। उसे शासन को भेजा भी गया है। वहीं इन लोगों के त्यागपत्र को भी भेजा जाएगा। वहां से दिशा निर्देश मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।
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