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भारी वाहनों के आवागमन से बढ़ी दुर्घटना की आशंका
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चहनिया। बलुआ पक्का पुल पर जिला प्रशासन के आदेश को ताक पर रख कर भारी वाहनों को गुजारा जा रहा है। भारी वाहनों की वजह से पुल के सड़क की गिट्टियां उखड़ने लगी है और गड्ढे बनने लगे हैं। इससे पुल पर कभी खतरा हो सकता है।
पक्का पुल का उद्घाटन होने के बाद इस पर ट्रकों व टेंकरो का आवागमन अधिक हो गया है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं होने लगीं। घटनाओं की अधिकता को देखते हुए लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर सकलडीहा क्षेत्राधिकारी त्रिपुरारी पांडेय ने पहल कर शासन को इससे अवगत कराया। इस पर जिला प्रशासन ने भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी। इसके बाद कुछ माह इन वाहनों का पुल से होकर आवागमन बंद रहा फिर रोडवेज बसों के चलने के लिए डीएम ने बैरियर ऊपर करने का आदेश दे दिया। इसके बाद बैरियर लगभग एक फुट ऊपर कर दिया गया और टैंकर पास कराए जाने लगे। कुछ दिन पूर्व तो बिना किसी आदेश के एक तरफ का बैरियर पूरा हटा दिया गया है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की तंद्रा बड़ी दुर्घटना के बाद ही टूटती है।
पक्का पुल का उद्घाटन होने के बाद इस पर ट्रकों व टेंकरो का आवागमन अधिक हो गया है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं होने लगीं। घटनाओं की अधिकता को देखते हुए लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर सकलडीहा क्षेत्राधिकारी त्रिपुरारी पांडेय ने पहल कर शासन को इससे अवगत कराया। इस पर जिला प्रशासन ने भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी। इसके बाद कुछ माह इन वाहनों का पुल से होकर आवागमन बंद रहा फिर रोडवेज बसों के चलने के लिए डीएम ने बैरियर ऊपर करने का आदेश दे दिया। इसके बाद बैरियर लगभग एक फुट ऊपर कर दिया गया और टैंकर पास कराए जाने लगे। कुछ दिन पूर्व तो बिना किसी आदेश के एक तरफ का बैरियर पूरा हटा दिया गया है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की तंद्रा बड़ी दुर्घटना के बाद ही टूटती है।
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