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उपभोक्त फोरम से ग्राहकों को मिलता है त्वरित न्याय
Updated Sun, 24 Jun 2018 01:16 AM IST
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नियामताबाद। सामान व सेवा से संबंधित मामलों में कोई भी ग्राहक उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल कर सकता है। इसके लिए बहुत अधिक औपचारिकता की जरूरत नहीं पड़ती है। साथ ही इसमें वाद का निस्तारण भी त्वरित होता है। ये बातें उपभोक्ता फोरम वाराणसी के न्यायाधीश जनार्दन सिंह ने शनिवार को रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन की ओर से औद्योगिक क्षेत्र फेज एक स्थित यूपीएसआईडीसी के सभागार में आयोजित गोष्ठी के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि किसी भी उपभोक्ता को समान व सेवा चुनने, उसके बारे में विस्तृत जानकारी रखने, गुणवत्ता, प्रस्तुतीकरण, सुरक्षा आदि के बारे में जानने का पूरा अधिकार है। कहा कि यदि इनमें किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो ग्राहक को फोरम में वाद दाखिल करने का अधिकार है। यदि ग्राहक किसी सामान या सेवा से असंतुष्ट है तो बीस लाख रुपये तक के दावे के लिए जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल कर सकता है। इससे पूर्व 24 घंटे में संबंधित कंपनी को सूचना देना आवश्यक है। 20 लाख से ऊपर व एक करोड़ तक के दावे राज्य उपभोक्ता फोरम व एक करोड़ से ऊपर तक के दावे राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम में दावा दाखिल किया जा सकता है। कहा कि किसी भी फोरम में दो वर्ष के भीतर शिकायत दर्ज कराना जरूरी है। सरकारी व निजी संस्थाओं के खिलाफ भी वाद दाखिल किया जा सकता है। कोई भी प्रभावित व्यक्ति खाद्य सुरक्षा, प्रदूषण, जल संसाधन, चिकित्सकीय लापरवाही, बिजली, रेलवे आदि से संबंधित मामलों में वाद दाखिल कर सकता है। इस पर तीन महीने में त्वरित फैसला दिया जाता है। इस मौके पर रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्या, चंद्रेश्वर जायसवाल, दिनेश राय, विजय केशरी, विनीत भरतिया, विजय लक्ष्मी, संदीप सिंह, सुभाष मौर्य, सहाबुद्दीन, प्रभाकर सिंह, प्रशांत गुप्ता आदि मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि किसी भी उपभोक्ता को समान व सेवा चुनने, उसके बारे में विस्तृत जानकारी रखने, गुणवत्ता, प्रस्तुतीकरण, सुरक्षा आदि के बारे में जानने का पूरा अधिकार है। कहा कि यदि इनमें किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो ग्राहक को फोरम में वाद दाखिल करने का अधिकार है। यदि ग्राहक किसी सामान या सेवा से असंतुष्ट है तो बीस लाख रुपये तक के दावे के लिए जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल कर सकता है। इससे पूर्व 24 घंटे में संबंधित कंपनी को सूचना देना आवश्यक है। 20 लाख से ऊपर व एक करोड़ तक के दावे राज्य उपभोक्ता फोरम व एक करोड़ से ऊपर तक के दावे राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम में दावा दाखिल किया जा सकता है। कहा कि किसी भी फोरम में दो वर्ष के भीतर शिकायत दर्ज कराना जरूरी है। सरकारी व निजी संस्थाओं के खिलाफ भी वाद दाखिल किया जा सकता है। कोई भी प्रभावित व्यक्ति खाद्य सुरक्षा, प्रदूषण, जल संसाधन, चिकित्सकीय लापरवाही, बिजली, रेलवे आदि से संबंधित मामलों में वाद दाखिल कर सकता है। इस पर तीन महीने में त्वरित फैसला दिया जाता है। इस मौके पर रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्या, चंद्रेश्वर जायसवाल, दिनेश राय, विजय केशरी, विनीत भरतिया, विजय लक्ष्मी, संदीप सिंह, सुभाष मौर्य, सहाबुद्दीन, प्रभाकर सिंह, प्रशांत गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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