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शौचालय विहीन स्कूल ओडीएफ में बने बाधक
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:35 AM IST
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कंदवा। जनपद को खुले में शौच मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वहीं बरहनी विकास खंड के 163 परिषदीय विद्यालयों में 35 प्राथमिक और 25 उच्च प्राथमिक स्कूलों में बने शौचालय ध्वस्त हो चुके हैं। जो बच्चों के इस्तेमाल करने के लायक नहीं हैं। बच्चों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। इसे लेकर अभिभावकों में काफी नाराजगी है।
स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन के तहत जिला प्रशासन द्वारा जनपद को 30 नवंबर तक ओडीएफ घोषित करना है। वहीं बरहनी विकास खंड के परिषदीय विद्यालयों के लगभग सभी शौचालयों की हालत खराब है। 35 प्राथमिक विद्यालयों में रेवसा, खरखोली, सैयदराजा नंबर एक, पिपरी, कवरुआ, सेवखरी, सिधना, सबलजलालपुर, खझरा, गोपालपुर, चखनिया, पिपरदहा, गोरखा, तंबागढ़ आदि के शौचालय ध्वस्त हो चुके हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालयों में धीना, रनिया, सिसौरा, सैयदराजा नंबर दो और सैयदराजा नंबर चार सहित कुछ अन्य विद्यालयों में आज तक शौचालय बने ही नहीं हैं। बड़ी डिलिया में शौचालय मरम्मत योग्य तो करौती में आधा-अधूरा है। इसके अलावा पूर्व माध्यमिक विद्यालय खरखोली, भरहुलिया, जेवरी, खझरा, परेवा, देवकली, सेवखरी, पसाई, बहोरा चंदेल, ड़ेढगांवा, ओयरचक, बगही, खुरहट, महुंजी, पिपरदहा सहित 16 विद्यालयों के शौचालय भी ध्वस्त हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय तलाशपुर में बना शौचालय मरम्मत योग्य हो चुका है। सुढ़ना में आज तक शौचालय की छत नहीं पड़ी है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय धीना, महारानी बाकरपुर, पिपरदहा, नूरी और मोहम्मदपुर में आज तक शौचालय बना ही नहीं है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नेवादा के शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है।
कोट-
संबंधित विभाग को सूचना दिए जाने के बाद भी ध्वस्त शौचालय नहीं बन सके हैं। पंचायत राज अधिकारी ने जल्द ही शौचालयों की मरम्मत और निर्माण का भरोसा दिया है। राकेश सिंह, खंड शिक्षाधिकारी, बरहनी।
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स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन के तहत जिला प्रशासन द्वारा जनपद को 30 नवंबर तक ओडीएफ घोषित करना है। वहीं बरहनी विकास खंड के परिषदीय विद्यालयों के लगभग सभी शौचालयों की हालत खराब है। 35 प्राथमिक विद्यालयों में रेवसा, खरखोली, सैयदराजा नंबर एक, पिपरी, कवरुआ, सेवखरी, सिधना, सबलजलालपुर, खझरा, गोपालपुर, चखनिया, पिपरदहा, गोरखा, तंबागढ़ आदि के शौचालय ध्वस्त हो चुके हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालयों में धीना, रनिया, सिसौरा, सैयदराजा नंबर दो और सैयदराजा नंबर चार सहित कुछ अन्य विद्यालयों में आज तक शौचालय बने ही नहीं हैं। बड़ी डिलिया में शौचालय मरम्मत योग्य तो करौती में आधा-अधूरा है। इसके अलावा पूर्व माध्यमिक विद्यालय खरखोली, भरहुलिया, जेवरी, खझरा, परेवा, देवकली, सेवखरी, पसाई, बहोरा चंदेल, ड़ेढगांवा, ओयरचक, बगही, खुरहट, महुंजी, पिपरदहा सहित 16 विद्यालयों के शौचालय भी ध्वस्त हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय तलाशपुर में बना शौचालय मरम्मत योग्य हो चुका है। सुढ़ना में आज तक शौचालय की छत नहीं पड़ी है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय धीना, महारानी बाकरपुर, पिपरदहा, नूरी और मोहम्मदपुर में आज तक शौचालय बना ही नहीं है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नेवादा के शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है।
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कोट-
संबंधित विभाग को सूचना दिए जाने के बाद भी ध्वस्त शौचालय नहीं बन सके हैं। पंचायत राज अधिकारी ने जल्द ही शौचालयों की मरम्मत और निर्माण का भरोसा दिया है। राकेश सिंह, खंड शिक्षाधिकारी, बरहनी।
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