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जुलूस निकाल कर दिया शांति का संदेश
Updated Mon, 04 Dec 2017 01:19 AM IST
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जुलूस
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मुगलसराय। नगर के यूरोपियन कालोनी स्थित बाल येशु चर्च से रविवार को दोपहर में शांति जुलूस निकाला गया। इसमें विभिन्न इलाकों से आए धर्माचार्य भी शामिल हुए। वहीं नगर के तमाम लोग शामिल होकर पुण्य लाभ कमाया। जुलूस में शामिल लोगों ने कैरोल गीत गाए। इसके पूर्व चर्च में प्रार्थना सभा हुई और शाम के वक्त विविध आयोजन हुए। इस मौके पर यहां मेला भी लगा।
रविवार की सुबह से ही शोभायात्रा की शुरूआत हो गई थी। सुबह प्रार्थना हुई। इसके बाद दोपहर दो बजे चर्च प्रांगण से जुलूस निकाली गई । जुलूस रेलवे स्टेशन, जीटी रोड, रोजा कालोनी, यूरोपियन कालोनी पहुंच कर समाप्त हुआ। जुलूस में सबसे आगे मुगलसराय चर्च के फादर विपिन सीजे धर्म चिह्न लेकर चल रहे थे। इनके पीछे मुख्य अतिथि चल रहे थे। बीच में बाल येशु की आकर्षक प्रतिमा पालकी पर लेकर लोग चल रहे थे। इसके पीछे कतारबद्ध होकर चल रहे थे। नगर के यूरोपियन कालोनी स्थित चर्च बाल यीशु तीर्थ पूरे देश के तीन तीर्थो में एक है। वर्ष 1835 में बना कैथोलिक चर्च की तर्ज पर देश में नासिक और बंगलुरू में ही बाल यीशु तीर्थ है। यहां से शोभायात्रा निकालने की शुरूआत बाल येशु तीर्थ के फादर स्टेनले डिसूजा ने तीस वर्ष पहले मुगलसराय में की थी। बाल यीशु तीर्थ में लोकसभा अध्यक्ष रहे पीए संगमा भी शामिल हो चुके हैं। इस वर्ष बाल येशु तीर्थ महापर्व की शुरूआत 27 नवंबर से हुई। 27 नवंबर को डीएलडब्लू व नगवा पल्ली द्वारा नोविना और मिस्सा बलिदान प्रार्थना किया गया। इसी तरह मंगलवार को मढौली और लोहता पल्ली द्वारा मिस्सा बलिदान प्रार्थना की गई। बुधवार को सेंट मेरीज कैथीड्रल शिवपुर एवं मवैया पल्ली द्वारा नोविना और मिस्सा प्रार्थना किया गया। तीन दिवसीय चंगाई प्रार्थना की शुरूआत तीस नवंबर से हुई। रोजाना सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक चंगाई प्रार्थना हुई। जुलूस के मद्देनजर चर्च को आकर्षक ढंग से सजाया गया और पूरे नगर में लाउडस्पीकर लगाए गए। जुलूस में उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों के साथ छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, बंगाल, गोवा से भी लोग शामिल हुए। रात में हुई प्रार्थना सभा में विश्व शांति की कामना की गई।
रविवार की सुबह से ही शोभायात्रा की शुरूआत हो गई थी। सुबह प्रार्थना हुई। इसके बाद दोपहर दो बजे चर्च प्रांगण से जुलूस निकाली गई । जुलूस रेलवे स्टेशन, जीटी रोड, रोजा कालोनी, यूरोपियन कालोनी पहुंच कर समाप्त हुआ। जुलूस में सबसे आगे मुगलसराय चर्च के फादर विपिन सीजे धर्म चिह्न लेकर चल रहे थे। इनके पीछे मुख्य अतिथि चल रहे थे। बीच में बाल येशु की आकर्षक प्रतिमा पालकी पर लेकर लोग चल रहे थे। इसके पीछे कतारबद्ध होकर चल रहे थे। नगर के यूरोपियन कालोनी स्थित चर्च बाल यीशु तीर्थ पूरे देश के तीन तीर्थो में एक है। वर्ष 1835 में बना कैथोलिक चर्च की तर्ज पर देश में नासिक और बंगलुरू में ही बाल यीशु तीर्थ है। यहां से शोभायात्रा निकालने की शुरूआत बाल येशु तीर्थ के फादर स्टेनले डिसूजा ने तीस वर्ष पहले मुगलसराय में की थी। बाल यीशु तीर्थ में लोकसभा अध्यक्ष रहे पीए संगमा भी शामिल हो चुके हैं। इस वर्ष बाल येशु तीर्थ महापर्व की शुरूआत 27 नवंबर से हुई। 27 नवंबर को डीएलडब्लू व नगवा पल्ली द्वारा नोविना और मिस्सा बलिदान प्रार्थना किया गया। इसी तरह मंगलवार को मढौली और लोहता पल्ली द्वारा मिस्सा बलिदान प्रार्थना की गई। बुधवार को सेंट मेरीज कैथीड्रल शिवपुर एवं मवैया पल्ली द्वारा नोविना और मिस्सा प्रार्थना किया गया। तीन दिवसीय चंगाई प्रार्थना की शुरूआत तीस नवंबर से हुई। रोजाना सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक चंगाई प्रार्थना हुई। जुलूस के मद्देनजर चर्च को आकर्षक ढंग से सजाया गया और पूरे नगर में लाउडस्पीकर लगाए गए। जुलूस में उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों के साथ छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, बंगाल, गोवा से भी लोग शामिल हुए। रात में हुई प्रार्थना सभा में विश्व शांति की कामना की गई।
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