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कब पूरा होगा एकौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
Updated Sun, 07 Oct 2018 01:04 AM IST
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नियामताबाद। विकास खंड अंतर्गत एकौनी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दस वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। 65 बेड के अस्पताल का भवन, चिकित्सकों के लिए आवास बन चुका है और पानी टंकी का निर्माण भी हो गया है लेकिन टंकी से पाइप को जोड़ा नहीं गया है। आवासों में खिड़की दरवाजे नहीं लग सके हैं। चिकित्सक नहीं तैनात किए गए। इसकी वजह अस्पताल को कार्यदायी संस्था ने अब तक निर्माण कार्य पूरा कर उसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर ही नहीं किया है। अस्पताल न होने से लोगों को इलाज कराने के लिए तकरीबन सात किमी की लंबी दौड़ लगानी पड़ती है।
रामनगर औद्योगिक नगर से पांच और पीडीडीयू नगर से आठ किमी और नियामताबाद से नौ किमी दूर एकौनी गांव है। रामनगर औद्योगिक नगर, एकौनी सहित कमलापुर, खजूरगांव, पड़ोड़वा, कटरिया, कबीरपुर, मन्नापुर, चांदीतारा, व्यासपुर, बखरा, पटनवां, सिंघीताली, चंदरखा, रंगौली, जीवनाथपुर, भरछां, हिंदवारी, गगेहरा सहित दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2009 में 65 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शुरू किया गया। तीन करोड़ की लागत से राजकीय निर्माण निगम ने भवन निर्माण करा दिया। यहां पानी टंकी भी बना दी गई और आवास निर्माण हो गया लेकिन इसके बाद किन्हीं कारणों से काम रुक गया। अभी आवास में दरवाजे और खिड़कियां नहीं लगी है। इसके चालू न होने से यहां के लोगों को बीमार होने पर पांच से दस किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। समय पर काम पूरा नहीं करने पर शासन के निर्देश पर पिछले दिनों राजकीय निर्माण निगम के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया। इसके बाद भी काम अधूरा है। एकौनी गांव के मनोज सिंह ने कहा कि राजनीतिक दाव पेच में अब तक इसका निर्माण नहीं हुआ है। प्रह्लाद सिंह ने कहा कि इसका निर्माण वर्ष 2012 तक पूरा हो जाना था लेकिन छह वर्ष का अधिक समय लगने से इसकी लागत भी बढ़ गई। चंद्रजीत यादव कहते हैं कि अस्पताल के अभाव में ग्रामीणों को चिकित्सा के लिए परेशानी हो रही है। इसी तरह नगेन्द्र सिंह ने कहा कि कई बार इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ जन प्रतिनिधियों से गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन सुनवाई नहीं हुई। राजकीय निर्माण निगम के अवर अभियंता नेतन प्रसाद ने बताया कि शासन की ओर से पिछले वर्ष धन स्वीकृति के बाद समय से काम पूरा न करने पर विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। अब तेजी से काम पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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