{"_id":"5bd8ab6bbdec2269745577fa","slug":"141540926315-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सब्जियों और बागवानी के लिए किसानों ने लिया प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सब्जियों और बागवानी के लिए किसानों ने लिया प्रशिक्षण
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंदौली। केवीके सभागार में मंगलवार को बागवानी और सब्जियों की आधुनिक खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बागवानी व सब्जी की उन्नत प्रजातियों को बारे में जानकारी दी तथा खेती के लिए सरकार की ओर से मिल रहे अनुदानों पर चर्चा किया। इस दौरान किसानों ने भी अपनी समस्याएं बताईं और उनका निराकरण जाना।
कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिक डा. समीर पांडेय ने बताया कि धान, गेहूं की परंपरागत खेती के साथ ही बागवानी व सब्जी की खेती किसानों के लिए लाभदायक साबित होगी। किसान बागवानी की खेती कर अतिरिक्त आय कर सकते हैं। इसमें कृषि लागत भी बहुत कम आंकी गई है। सहायक उद्यान निरीक्षक हरिश्चंद्र पटेल ने बताया कि सरकार की ओर से बागवानी के लिए अनुदान की व्यवस्था की गई है। अमरूद की खेती पर प्रति हेक्टेयर 11 हजार 502 रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं नीबू की खेती पर 12 हजार व मिर्च की खेती पर 1500 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान प्राप्त होगा। इसके अलावा आलू व गोभी की खेती पर 1200 रुपये अनुदान देने की योजना है। कहा कि सब्जियों की खेती से नकदीकरण को बढ़ावा मिलेगा और हर रोज अतिरिक्त आमदनी भी होगी। कहा कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद शासन से किसानों के खाते में अनुदान राशि भेजी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रगतिशील किसान कपिलदेव सिंह, प्रदीप, अंशुमान मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिक डा. समीर पांडेय ने बताया कि धान, गेहूं की परंपरागत खेती के साथ ही बागवानी व सब्जी की खेती किसानों के लिए लाभदायक साबित होगी। किसान बागवानी की खेती कर अतिरिक्त आय कर सकते हैं। इसमें कृषि लागत भी बहुत कम आंकी गई है। सहायक उद्यान निरीक्षक हरिश्चंद्र पटेल ने बताया कि सरकार की ओर से बागवानी के लिए अनुदान की व्यवस्था की गई है। अमरूद की खेती पर प्रति हेक्टेयर 11 हजार 502 रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं नीबू की खेती पर 12 हजार व मिर्च की खेती पर 1500 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान प्राप्त होगा। इसके अलावा आलू व गोभी की खेती पर 1200 रुपये अनुदान देने की योजना है। कहा कि सब्जियों की खेती से नकदीकरण को बढ़ावा मिलेगा और हर रोज अतिरिक्त आमदनी भी होगी। कहा कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद शासन से किसानों के खाते में अनुदान राशि भेजी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रगतिशील किसान कपिलदेव सिंह, प्रदीप, अंशुमान मौजूद रहे।
विज्ञापन