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भ्रष्टाचार के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन ही खत्म
Updated Sun, 11 Nov 2018 11:37 PM IST
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सैयदराजा। बगही स्थित वन विभाग कार्यालय के समीप भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन धरना रविवार को तीसरे दिन ही खत्म हो गया। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे धरने को समर्थन देने जा रहे पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू को धरना देने वालों ने ही धरना स्थल पर जाने का विरोध कर दिया। वहां हाईवे पर टकराव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पूर्व विधायक को वापस कर दिया ।
भाजपा काशी क्षेत्र पंचायत प्रकोष्ठ के सह संयोजक महेंद्र सिंह वन विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप मढ़ते हुए शुक्रवार को क्षेत्रीय लोगों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। इस दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ धरने को समर्थन पूर्व विधायक भी जा रहे थे। धरना स्थल से कुछ दूर ही धरना देने वालों ने ही उनका विरोध कर दिया । टकराव की स्थिति देखकर पुलिस ने उन्हें लौटा दिया। मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि चूंकि भ्रष्टाचार के खिलाफ क्षेत्रीय लोग धरने पर थे, ऐसे में इस क्षेत्र का होने के नाते वह भी धरने में शामिल होने जा रहे थे । कहा कि इस सरकार में अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। कहा कि भाजपा के लोग भ्रष्टाचार रोकना नहीं चाहते हैं और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का लाभ उठा रहे हैं और धरना प्रदर्शन कर भ्रष्टाचार विरोधी होने का नाटक रच रहे हैं। वहीं धरने पर महेंद्र सिंह ने कहा कि वन विभाग की मनमानी और भ्रष्टाचार नहीं चलने दिया जाएगा। इस बीच धरने पर पहुंचे डीएफओ मनोज खरे को धरने पर बैठे लोगों ने ज्ञापन सौंपा। डीएफओ ने आश्वस्त किया कि विभाग के खिलाफ जो भी शिकायत है, टीम गठित कर उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जो दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया।
भाजपा काशी क्षेत्र पंचायत प्रकोष्ठ के सह संयोजक महेंद्र सिंह वन विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप मढ़ते हुए शुक्रवार को क्षेत्रीय लोगों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। इस दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ धरने को समर्थन पूर्व विधायक भी जा रहे थे। धरना स्थल से कुछ दूर ही धरना देने वालों ने ही उनका विरोध कर दिया । टकराव की स्थिति देखकर पुलिस ने उन्हें लौटा दिया। मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि चूंकि भ्रष्टाचार के खिलाफ क्षेत्रीय लोग धरने पर थे, ऐसे में इस क्षेत्र का होने के नाते वह भी धरने में शामिल होने जा रहे थे । कहा कि इस सरकार में अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। कहा कि भाजपा के लोग भ्रष्टाचार रोकना नहीं चाहते हैं और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का लाभ उठा रहे हैं और धरना प्रदर्शन कर भ्रष्टाचार विरोधी होने का नाटक रच रहे हैं। वहीं धरने पर महेंद्र सिंह ने कहा कि वन विभाग की मनमानी और भ्रष्टाचार नहीं चलने दिया जाएगा। इस बीच धरने पर पहुंचे डीएफओ मनोज खरे को धरने पर बैठे लोगों ने ज्ञापन सौंपा। डीएफओ ने आश्वस्त किया कि विभाग के खिलाफ जो भी शिकायत है, टीम गठित कर उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जो दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया।
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