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व्यापारियों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:56 AM IST
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चंदौली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी बच्चालाल से मुलाकात की। व्यापारियों ने जीएसटी से संबंधित विसंगतियों व समस्याओं को निस्तारित कराने की मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित छह सूत्री ज्ञापन एडीएम को सौंपा। कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को निस्तारित करना आवश्यक है। क्योंकि इससे उनका व्यापार घाटे में चल रहा है।
व्यापारियों ने कहा कि यह कहा गया है कि ई-वे बिल की फिजिकल कापी न होने पर भी जीएसटी अधिकारी द्वारा माल जब्त नहीं किया जा सकता है। जीएसटी में समाधान योजना के लिए एक करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई थी , परंतु उसका सर्कुलर सरकार की ओर जारी नहीं हुआ। कहा कि ई-वे बिल का पार्ट-बी भरने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्टर पर होनी चाहिए तथा धारा 138(7) जो कि निलंबित है तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, जिससे ट्रांसपोर्टर की जिम्मेदारी तय हो सके । कहा कि जनपद की सीमा को ई-वे बिल से मुक्त किया जाए। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश सरकारों ने इसे पहले ही मुक्त कर दिया है। जीएसटी के तहत रिफंड को प्रति माह भुगतान कराने की मांग की। इस दौरान लक्ष्मीकांत अग्रहरि, चंद्रेश्वर जायसवाल, राकेश मोदनवाल, अशोक केशरी, प्रदीप कुमार, अखिलेश चौहान, प्रभाकर, हरिओम, अनिल उपस्थित रहे।
व्यापारियों ने कहा कि यह कहा गया है कि ई-वे बिल की फिजिकल कापी न होने पर भी जीएसटी अधिकारी द्वारा माल जब्त नहीं किया जा सकता है। जीएसटी में समाधान योजना के लिए एक करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई थी , परंतु उसका सर्कुलर सरकार की ओर जारी नहीं हुआ। कहा कि ई-वे बिल का पार्ट-बी भरने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्टर पर होनी चाहिए तथा धारा 138(7) जो कि निलंबित है तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, जिससे ट्रांसपोर्टर की जिम्मेदारी तय हो सके । कहा कि जनपद की सीमा को ई-वे बिल से मुक्त किया जाए। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश सरकारों ने इसे पहले ही मुक्त कर दिया है। जीएसटी के तहत रिफंड को प्रति माह भुगतान कराने की मांग की। इस दौरान लक्ष्मीकांत अग्रहरि, चंद्रेश्वर जायसवाल, राकेश मोदनवाल, अशोक केशरी, प्रदीप कुमार, अखिलेश चौहान, प्रभाकर, हरिओम, अनिल उपस्थित रहे।
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