{"_id":"5b4cf15d4f1c1b43748b53fe","slug":"101531769181-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच घंटे का मेगा ब्लाक लेकर रेल लाइन की हुई मरम्मत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच घंटे का मेगा ब्लाक लेकर रेल लाइन की हुई मरम्मत
Updated Tue, 17 Jul 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
पूर्व मध्य रेलवे स्थानीय मंडल के अधिकारियों की देख रेख में सोमवार को पांच घंटे का मेगा ब्लाक लेकर रेलवे यार्ड में वर्षों पुराने डायमंड क्रासिंग को बदला गया। रेल पटरियों के अलावा स्लीपर आदि बदले गए। इस दौरान ट्रेनों और माल गाड़ियों को दूसरे रास्ते गंतव्य के लिए भेजा गया।
एशिया के सबसे बड़ेे रेलवे यार्ड में रेलवे लाइन अत्यंत पुराने हैं। स्टेशन के समीप ही डायमंड क्रांसिंग की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई थी। इसको देखते हुए सोमवार को सुबह दस बजे से शाम तीन बजे तक के लिए मेगा ब्लाक लिया गया और इंजीनियर विभाग ने क्रासिंग केबिन के पास डायमंड क्रासिंग को बदला। इसी तरह अन्य स्थानों पर पटरी, स्लीपर बदलने के साथ अनुरक्षण कार्य मशीनों से गैंगमैनों की सहायता से की गई। इस दौरान विद्युत (टीआरडी) के टावर वैगनों एवं लैडर गैंग ने ओएचई तारों एवं उपकरणों का बदलाव तथा अनुरक्षण के विभन्न कार्य किए। मास्ट का एओएच. इंसुलेटर क्लीनिंग, एसएस रोप का तैलीयकरण, सी- जंफर एवं जी-जफर का एडजेस्टमेंट, कैंटीलीवर का एडजेस्टमेंट, बर्डनेस्ट का रिमूवल आदि कार्य किए गए। सिगनल एवं दूरसंचार विभाग ने मेंटेनेंस ब्लॉक के दौरान 21 प्वाइंट मशीन, 54 सिंग्नल, 82 ट्रैक सर्किट, 04 एक्सल काउंटर, 04 ब्लॉक उपकरण को ठीक किया। यही नहीं 06 प्वाइंट मशीनों का बदलाव किए। 70 ट्रैक जंफर, 40 ट्रैक बांडिंग तारों का बदलाव किए गए। इस अनुरक्षण कार्य हेतु 24 स्थानों पर अनुरक्षण दल तैनात किए गए थे। इनमें 05 अधिकारी, 15 सुपरवाईजर, 40 एसआईएम., 105 हेल्पर रहे।
विज्ञापन
एशिया के सबसे बड़ेे रेलवे यार्ड में रेलवे लाइन अत्यंत पुराने हैं। स्टेशन के समीप ही डायमंड क्रांसिंग की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई थी। इसको देखते हुए सोमवार को सुबह दस बजे से शाम तीन बजे तक के लिए मेगा ब्लाक लिया गया और इंजीनियर विभाग ने क्रासिंग केबिन के पास डायमंड क्रासिंग को बदला। इसी तरह अन्य स्थानों पर पटरी, स्लीपर बदलने के साथ अनुरक्षण कार्य मशीनों से गैंगमैनों की सहायता से की गई। इस दौरान विद्युत (टीआरडी) के टावर वैगनों एवं लैडर गैंग ने ओएचई तारों एवं उपकरणों का बदलाव तथा अनुरक्षण के विभन्न कार्य किए। मास्ट का एओएच. इंसुलेटर क्लीनिंग, एसएस रोप का तैलीयकरण, सी- जंफर एवं जी-जफर का एडजेस्टमेंट, कैंटीलीवर का एडजेस्टमेंट, बर्डनेस्ट का रिमूवल आदि कार्य किए गए। सिगनल एवं दूरसंचार विभाग ने मेंटेनेंस ब्लॉक के दौरान 21 प्वाइंट मशीन, 54 सिंग्नल, 82 ट्रैक सर्किट, 04 एक्सल काउंटर, 04 ब्लॉक उपकरण को ठीक किया। यही नहीं 06 प्वाइंट मशीनों का बदलाव किए। 70 ट्रैक जंफर, 40 ट्रैक बांडिंग तारों का बदलाव किए गए। इस अनुरक्षण कार्य हेतु 24 स्थानों पर अनुरक्षण दल तैनात किए गए थे। इनमें 05 अधिकारी, 15 सुपरवाईजर, 40 एसआईएम., 105 हेल्पर रहे।
विज्ञापन