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वाराणसी में दीनानाथ झुलझुनवाला की फैक्ट्री और आवास पर सीबीआई का छापा, ये है मामला
Tue, 05 Nov 2019 09:25 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Tue, 05 Nov 2019 09:25 PM IST
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सीबीआई।
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दो हजार करोड़ के दीवालिया जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीएमडी दीनानाथ झुनझुनवाला पर मंगलवार को सीबीआई ने कार्रवाई की। वाराणसी के आशापुर स्थित फैक्ट्री और नाटी इमली आवास को सीबीआई की टीम ने घंटों खंगाला। सीबीआई अधिकारियों ने इस दौरान अलग-अलग बैंकों से लिए गए करीब दो हजार करोड़ रुपये के कर्ज और इसके प्रयोग से जुड़े कागजातों को जब्त कर लिया।
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने करीब एक साल पहले जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज को दीवालिया घोषित कर दिया था। कंपनी के नाम से अलग अलग बैंकों से दीनानाथ झुनझुनवाला ने दो हजार करोड़ का लोन लिया और उन पैसों को अलग मदों में खर्च कर दिया। विदेशों तक में व्यापार फैलाने वाले झुनझुनवाला ने लोन लेने के बाद बैंक को वापस नहीं किया।
इसके लिए बैंक ने दीनानाथ झुनझुनवाला और उनके जमानतदार सत्यनारायण झुनझुनवाला, आदर्श झुनझुनवाला, अंजू झुनझुनवाला व झुनझुनवाला गैसेस प्रा लि. को नोटिस जारी कर नाटी इमली के 6600 वर्ग फीट को बंधक बनाया था। उन्होंने दो हजार करोड़ रुपये लोन लिए थे, जिसमें सर्वाधिक बैंक आफ बड़ौदा से करीब 482 करोड़ शामिल हैं।
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इसके अलावा एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक से करोड़ो रुपये का कर्ज लिया है। बैंक के विभागीय सूत्रों के मुताबिक एसबीआई भी झुनझुनवाला ने करीब 100 करोड़ रुपये लिया था लेकिन जमा नहीं किया। इस बीच सीबीआई की छापेमारी के बाद बैंक अधिकारी लोन से जुड़े कागजातों को दुरूस्त करने में लगे हैं। माना जा रहा है कि मामले में सीबीआई की टीम जल्द ही कुछ बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है।
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नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने करीब एक साल पहले जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज को दीवालिया घोषित कर दिया था। कंपनी के नाम से अलग अलग बैंकों से दीनानाथ झुनझुनवाला ने दो हजार करोड़ का लोन लिया और उन पैसों को अलग मदों में खर्च कर दिया। विदेशों तक में व्यापार फैलाने वाले झुनझुनवाला ने लोन लेने के बाद बैंक को वापस नहीं किया।
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इसके लिए बैंक ने दीनानाथ झुनझुनवाला और उनके जमानतदार सत्यनारायण झुनझुनवाला, आदर्श झुनझुनवाला, अंजू झुनझुनवाला व झुनझुनवाला गैसेस प्रा लि. को नोटिस जारी कर नाटी इमली के 6600 वर्ग फीट को बंधक बनाया था। उन्होंने दो हजार करोड़ रुपये लोन लिए थे, जिसमें सर्वाधिक बैंक आफ बड़ौदा से करीब 482 करोड़ शामिल हैं।
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इसके अलावा एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक से करोड़ो रुपये का कर्ज लिया है। बैंक के विभागीय सूत्रों के मुताबिक एसबीआई भी झुनझुनवाला ने करीब 100 करोड़ रुपये लिया था लेकिन जमा नहीं किया। इस बीच सीबीआई की छापेमारी के बाद बैंक अधिकारी लोन से जुड़े कागजातों को दुरूस्त करने में लगे हैं। माना जा रहा है कि मामले में सीबीआई की टीम जल्द ही कुछ बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है।