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धर्म से प्यार करने पर धारा लगाना गलत : वर्क
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अनूपशहर में पहुंचे संभल के सांसद जिया-उर्र-रहमान वर्क का स्वागत करते लोग। स्रोत: संगठन
अनूपशहर। संभल से सपा सांसद जिया-उर्र-रहमान वर्क शनिवार को शेख रेहान के आवास पर एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। सपा सांसद का कार्यकर्ताओं ने फूल-माला पहना स्वागत किया। इसके बाद वरिष्ठ सपा नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य शेख रईस अहमद के आवास पर पहुंच कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और पार्टी को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
सपा सांसद जिया-उर्र-रहमान वर्क ने कहा कि पहले संभल और अब बरेली के अंदर जो ज्यादती दिखने को मिली है उस पर रोक लगनी चाहिए। हर इंसान को अपने-अपने धर्म से मोहब्बत करने का अधिकार है। धर्म से मोहब्बत करने पर धारा लग सकती है यह कभी नहीं सुना। मुद्दों से भटकाने के लिए कानपुर से भाजपा ने इसकी शुरुआत की।
भाजपा की यह सोची समझी साजिश है। बरेली में हमें पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया गया, जब धारा 163 हटेगी, तो वहां जाएंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का प्रयास रहेगा। कहा कि जिसकी सरकार होती है वह किसी के भी खिलाफ मुकदमा दर्ज करा देते है। इससे यह सिद्ध नहीं होता की उसने जुर्म किया है। यह कार्य न्यायपालिका का है।
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सरकार लगातार विपक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रही है, जबकि लापरवाही कर रहे अधिकारी या नेता पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इस दौरान शेख रहीस, राशिद गाजी, मोहसिन गाजी, फरहान काजी, इकबाल सैफी, अफजाल सैफी, राशिद सैफी, शमीम आलम, सरताज, सुनील चरौरा माैजूद रहे।
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सपा सांसद जिया-उर्र-रहमान वर्क ने कहा कि पहले संभल और अब बरेली के अंदर जो ज्यादती दिखने को मिली है उस पर रोक लगनी चाहिए। हर इंसान को अपने-अपने धर्म से मोहब्बत करने का अधिकार है। धर्म से मोहब्बत करने पर धारा लग सकती है यह कभी नहीं सुना। मुद्दों से भटकाने के लिए कानपुर से भाजपा ने इसकी शुरुआत की।
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भाजपा की यह सोची समझी साजिश है। बरेली में हमें पीड़ित परिवार से मिलने नहीं दिया गया, जब धारा 163 हटेगी, तो वहां जाएंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का प्रयास रहेगा। कहा कि जिसकी सरकार होती है वह किसी के भी खिलाफ मुकदमा दर्ज करा देते है। इससे यह सिद्ध नहीं होता की उसने जुर्म किया है। यह कार्य न्यायपालिका का है।
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सरकार लगातार विपक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रही है, जबकि लापरवाही कर रहे अधिकारी या नेता पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इस दौरान शेख रहीस, राशिद गाजी, मोहसिन गाजी, फरहान काजी, इकबाल सैफी, अफजाल सैफी, राशिद सैफी, शमीम आलम, सरताज, सुनील चरौरा माैजूद रहे।