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Bulandshahar News: एंबुलेंस में महिला ने बेटी को दिया जन्म
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एंबुलेंस में डिलीवरी के बाद बच्ची को दिखाता ईएमटी।
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। घर से अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में ही एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। महिला के रास्ते में प्रसव पीड़ा होने पर ईएमटी द्वारा एंबुलेंस को रुकवाकर सुरक्षित प्रसव कराया गया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां दोनों स्वस्थ हैं। वहीं, जच्चा-बच्चा के सकुशल होने पर परिजनों ने भी राहत की सांस ली है।
गांव आलमगीरपुर धनौरा निवासी विनोद कुमार की पत्नी ऊषा गर्भवती थीं और शनिवार दोपहर प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों द्वारा निशुल्क एंबुलेंस सेवा ली गई। कॉल आने पर यूपी 32 ईजी 1926 एंबुलेंस गर्भवती को लेकर जिला महिला अस्पताल के लिए रवाना हुई। रास्ते में प्रसव पीड़ा अधिक होने पर ईएमटी ने एंबुलेंस रुकवाकर जांच-पड़ताल की और पूरी स्थिति से परिजनों को अवगत कराया। परिजनों के अनुसार प्रसव न होने पर महिला को परेशानी होने की संभावना देख डिलीवरी करवाने की हामी भर दी। इसके बाद ईएमटी शैलेश कुमार ने चालक सतेंद्र सिंह और आशा कार्यकर्ता के सहयोग से एंबुलेंस में ही प्रसव कराया। महिला द्वारा पुत्री को जन्म दिए जाने पर उसे जिला महिला अस्पताल लाकर भर्ती करा दिया। जहां चिकित्सकों ने दोनों को स्वस्थ बताया है। एंबुलेंस प्रोग्राम मैनेजर सर्वोत्तम सिंह ने बताया कि प्रसव काल का समय प्रसूता के लिए गंभीर समय माना जाता है। जरा सी देरी होने पर प्रसूता की मौत का कारण भी बन जाती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए और प्रसूता की जान बचाने के लिए ईएमटी को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण मिलने के बाद समय-समय पर एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराया जा रहा है।
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बुलंदशहर। घर से अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में ही एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। महिला के रास्ते में प्रसव पीड़ा होने पर ईएमटी द्वारा एंबुलेंस को रुकवाकर सुरक्षित प्रसव कराया गया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां दोनों स्वस्थ हैं। वहीं, जच्चा-बच्चा के सकुशल होने पर परिजनों ने भी राहत की सांस ली है।
गांव आलमगीरपुर धनौरा निवासी विनोद कुमार की पत्नी ऊषा गर्भवती थीं और शनिवार दोपहर प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों द्वारा निशुल्क एंबुलेंस सेवा ली गई। कॉल आने पर यूपी 32 ईजी 1926 एंबुलेंस गर्भवती को लेकर जिला महिला अस्पताल के लिए रवाना हुई। रास्ते में प्रसव पीड़ा अधिक होने पर ईएमटी ने एंबुलेंस रुकवाकर जांच-पड़ताल की और पूरी स्थिति से परिजनों को अवगत कराया। परिजनों के अनुसार प्रसव न होने पर महिला को परेशानी होने की संभावना देख डिलीवरी करवाने की हामी भर दी। इसके बाद ईएमटी शैलेश कुमार ने चालक सतेंद्र सिंह और आशा कार्यकर्ता के सहयोग से एंबुलेंस में ही प्रसव कराया। महिला द्वारा पुत्री को जन्म दिए जाने पर उसे जिला महिला अस्पताल लाकर भर्ती करा दिया। जहां चिकित्सकों ने दोनों को स्वस्थ बताया है। एंबुलेंस प्रोग्राम मैनेजर सर्वोत्तम सिंह ने बताया कि प्रसव काल का समय प्रसूता के लिए गंभीर समय माना जाता है। जरा सी देरी होने पर प्रसूता की मौत का कारण भी बन जाती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए और प्रसूता की जान बचाने के लिए ईएमटी को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण मिलने के बाद समय-समय पर एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराया जा रहा है।
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