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किसकी लापरवाही से लाइन में उतरा करंट, तलाश शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Wed, 28 Dec 2016 12:26 AM IST
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बिजली तार
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल परिसर स्थित बिजलीघर में काम करते समय दो विद्युत कर्मियों की मौत का मामला उलझ गया है। पावर स्टेशन में सप्लाई कहां से पहुंची, इसका जवाब कोई नहीं दे रहा है। विद्युत और स्वास्थ्य अफसर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। वहीं विद्युत निगम के जेई ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
पावर कारपोरेशन अफसर जिला अस्पताल के जेनरेटर से सप्लाई आने की बात कह रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग पावर कारपोरेशन लापरवाही से लाइन में सप्लाई आने पर जोर दे रहे हैं। जिला अस्पताल में सोमवार बिजलीघर पर काम करते समय दो बिजली कमियों की करंट लगने से मौत हो गई थी।
इससे दोनों कर्मचारियों रियाजुद्दीन और बनी सिंह के शरीर जल गए थे। हादसे की जांच कर रहे एक्सईएन बुलंदशहर का दावा है कि जिस लाइन को विद्युतकर्मी ठीक कर रहे थे, उसमें जेनरेटर से करंट आने पर हादसा हुआ। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का दावा है कि घटना के वक्त न तो जिला अस्पताल में और न ही महिला अस्पताल में जेनरेटर चल रहा था।
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ऐसे में सप्लाई पावर कारपोरेशन की लापरवाही से ही आई है। अफसरों के बयानों से मामला उलझ गया है। अंसारी रोड बिजलीघर के जेई ज्योति भास्कर ने दर्ज एफआईआर में बताया है कि अज्ञात व्यक्ति की लापरवाही से हुए हादसे में दो बिजलीकर्मी की मौत हो गई। नगर कोतवाली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक साल में 20 से ज्यादा कर्मियों की मौत लाइन पर काम करते समय हुई है। अधिकांश मौतों का कारण अचानक करंट आना रहा है। कभी शटडाउन वापस दे दिया जाता है तो कभी लाइन टच हो जाती है। मृतक दोनों बिजलीकर्मियों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
मृतक रियाजुद्दीन विभागीय कर्मी था, जबकि बनी सिंह संविदा पर तैनात था। रियाजुद्दीन के आश्रित को विभाग सरकारी नौकरी भी देगा। वहीं बनी सिंह के एक बेटा और एक बेटी है। बनी सिंह की पत्नी का देहांत पहले ही हो चुका है।
अखिल भारतीय यादव महासभा के सचिव नितिन यादव ने हादसे में हुई लापरवाही की शिकायत ट्वीट कर मुख्यमंत्री से की। इसके बाद मुख्यमंत्री सचिवालय की तरफ से ट्वीट कर डीजीपी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पावर कारपोरेशन अफसर जिला अस्पताल के जेनरेटर से सप्लाई आने की बात कह रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग पावर कारपोरेशन लापरवाही से लाइन में सप्लाई आने पर जोर दे रहे हैं। जिला अस्पताल में सोमवार बिजलीघर पर काम करते समय दो बिजली कमियों की करंट लगने से मौत हो गई थी।
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इससे दोनों कर्मचारियों रियाजुद्दीन और बनी सिंह के शरीर जल गए थे। हादसे की जांच कर रहे एक्सईएन बुलंदशहर का दावा है कि जिस लाइन को विद्युतकर्मी ठीक कर रहे थे, उसमें जेनरेटर से करंट आने पर हादसा हुआ। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का दावा है कि घटना के वक्त न तो जिला अस्पताल में और न ही महिला अस्पताल में जेनरेटर चल रहा था।
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ऐसे में सप्लाई पावर कारपोरेशन की लापरवाही से ही आई है। अफसरों के बयानों से मामला उलझ गया है। अंसारी रोड बिजलीघर के जेई ज्योति भास्कर ने दर्ज एफआईआर में बताया है कि अज्ञात व्यक्ति की लापरवाही से हुए हादसे में दो बिजलीकर्मी की मौत हो गई। नगर कोतवाली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक साल में 20 से ज्यादा कर्मियों की मौत लाइन पर काम करते समय हुई है। अधिकांश मौतों का कारण अचानक करंट आना रहा है। कभी शटडाउन वापस दे दिया जाता है तो कभी लाइन टच हो जाती है। मृतक दोनों बिजलीकर्मियों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
मृतक रियाजुद्दीन विभागीय कर्मी था, जबकि बनी सिंह संविदा पर तैनात था। रियाजुद्दीन के आश्रित को विभाग सरकारी नौकरी भी देगा। वहीं बनी सिंह के एक बेटा और एक बेटी है। बनी सिंह की पत्नी का देहांत पहले ही हो चुका है।
अखिल भारतीय यादव महासभा के सचिव नितिन यादव ने हादसे में हुई लापरवाही की शिकायत ट्वीट कर मुख्यमंत्री से की। इसके बाद मुख्यमंत्री सचिवालय की तरफ से ट्वीट कर डीजीपी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।