{"_id":"573757574f1c1b6d0c91a026","slug":"vegetable-prices-rose-by-arbitrary-stockists","type":"story","status":"publish","title_hn":"आढ़तियों की मनमानी से बढ़े सब्जियों के दाम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आढ़तियों की मनमानी से बढ़े सब्जियों के दाम
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 14 May 2016 10:48 PM IST
विज्ञापन
Vegetable prices
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फल-सब्जियोें की महंगाई में कमीशन का तड़का लगा है। बुलंदशहर नवीन मंडी में 8 से 10 फीसदी की दर से आढ़त काटी जा रही है। खास बात यह है कि मंडी की दर मात्र 2.5 फीसदी निर्धारित है। आढ़तियों की मनमानी से आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार पड़ रही है।
विज्ञापन
दिलचस्प बात यह है कि सिकंदराबाद स्थित नवीन फल सब्जी मंडी में पांच प्रतिशत की दर से खरीदारों से आढ़त (कमीशन) ली जाती है। इसलिए सिकंदराबाद में बुलंदशहर की तुलना में फल-सब्जियों के रेट बेहद कम हैं। दाम कम होने से नोएडा और गाजियाबाद जाने वाले लोग सिकंदराबाद में ठहरकर फल-सब्जियों की खरीद करते हैं।
विज्ञापन
बड़े आयोजनों में तो नोएडा के लोग खासतौर पर सिकंदराबाद से फल और सब्जियों की खरीदारी करते हैं। ऐसा खुद सब्जी और फल विक्रेताओं का भी मानना है। कमीशन का ग्राफ बुलंदशहर में काफी ऊंचा है। बता दें कि कमीशन का बोझ सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। वहीं, अफसर कमीशन के चक्कर में चुप्पी साधे हुए हैं।
विज्ञापन