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चार दिन में ही मुरझाने लगे वन महोत्सव में रोपे गए पौधे
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चार दिन में ही मुरझाने लगे वन महोत्सव में रोपे गए पौधे
बुलंदशहर। वन महोत्सव के तहत तीन दिन में रोपे गए 36 लाख पौधे चार दिन में ही मुरझाने लगे हैं। पौधरोपण के नाम पर की गई रस्म अदायगी के कारण अधिकांश जगह गड्ढे में पौधे सिर्फ रख दिए गए हैं। इन्हें पानी देने तक की जरूरत नहीं समझी गई। पौधे कहीं पानी न मिलने के कारण मुरझा गए तो कहीं ट्री गार्ड न होने के कारण बेसहारा पशुओं ने उखाड़ दिया।
वन विभाग ने अन्य विभागों के साथ मिलकर तीन दिन में 36 लाख पौधरोपण करने का दावा किया था। पड़ताल में सामने आया कि अधिकांश जगह पौधों को खोदे गए गड्ढे में सिर्फ रख दिया गया है। रोपित पौधों की सुरक्षा को लेकर भी कोई इंतजाम नहीं किया गया। नगर के डीएवी फ्लाईओवर के नीचे समेत कई लगह पौधे पानी न मिलने से सूख गए। आसपास के लोगों ने बताया कि जो कर्मचारी यहां पौधे लगाने आए थे तो उन्होंने ही खुर्पी से ही गड्ढा खोदा और पौधे रोपकर चले गए। इसके बाद पानी लगाने तक की सुध नहीं ली। आधे से अधिक पौधे बेकार हो चुके हैं।
किसी भी विभाग के कार्यालय नहीं मिला पौधा
वृहद पौधरोपण के तहत वन विभाग ने लगभग सभी सरकारी विभागों को पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया था। बावजूद इसके किसी भी विभागीय कार्यालय में नया रोपित पौधा नहीं मिला। यहां तक की वन विभाग के कार्यालय में भी कोई नया पौधा नहीं लगाया गया। बेसिक शिक्षा कार्यालय, डीआईओएस कार्यालय, उप कृषि निदेशक, गन्ना विभाग में पौधों का रोपण नहीं किया गया है। अधिकतर विभागीय अफसरों का कहना है कि इस बार पौधे दूसरी जगह रोपित किए गए हैं। सिकंदराबाद, स्याना, ऊंचागांव और नरौरा क्षेत्र में भी बारिश न होने रोपे गए पौधों की स्थिति ज्यादा खराब हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण पौधे नष्ट हो रहे हैं।
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इस तरह हुआ है पौधरोपण
- शासन से जिले को 42 लाख पौधे लगाने का मिला है लक्ष्य
- पहले चरण में पांच जुलाई को जिले में रोपे गए 30 लाख पौधे
- दूसरे चरण में छह जुलाई को जिले में रोपे गए 3.05 लाख पौधे
- तीसरे चरण में छह जुलाई को जिले में रोपे गए 3.05 लाख पौधे
- चौथे चरण में 15 अगस्त को रोपे जाएंगे 6.11 लाख पौधे
तय की जा रही देखभाल
पौधे लगाने के साथ ही संबंधित विभागों को उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी तय की गई है। इसके बेहतर नतीजे जल्द ही सामने आएंगे। वन महोत्सव की आने वाली तिथियों पर पौधरोपण कार्य और व्यवस्थित तरीके से चलेगा। यदि बारिश हो जाती तो यह समस्या नहीं आती। अधिक से अधिक पौधे बचाने का प्रयास जारी रहेगा। - विनीता सिंह, डीएफओ
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बुलंदशहर। वन महोत्सव के तहत तीन दिन में रोपे गए 36 लाख पौधे चार दिन में ही मुरझाने लगे हैं। पौधरोपण के नाम पर की गई रस्म अदायगी के कारण अधिकांश जगह गड्ढे में पौधे सिर्फ रख दिए गए हैं। इन्हें पानी देने तक की जरूरत नहीं समझी गई। पौधे कहीं पानी न मिलने के कारण मुरझा गए तो कहीं ट्री गार्ड न होने के कारण बेसहारा पशुओं ने उखाड़ दिया।
वन विभाग ने अन्य विभागों के साथ मिलकर तीन दिन में 36 लाख पौधरोपण करने का दावा किया था। पड़ताल में सामने आया कि अधिकांश जगह पौधों को खोदे गए गड्ढे में सिर्फ रख दिया गया है। रोपित पौधों की सुरक्षा को लेकर भी कोई इंतजाम नहीं किया गया। नगर के डीएवी फ्लाईओवर के नीचे समेत कई लगह पौधे पानी न मिलने से सूख गए। आसपास के लोगों ने बताया कि जो कर्मचारी यहां पौधे लगाने आए थे तो उन्होंने ही खुर्पी से ही गड्ढा खोदा और पौधे रोपकर चले गए। इसके बाद पानी लगाने तक की सुध नहीं ली। आधे से अधिक पौधे बेकार हो चुके हैं।
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किसी भी विभाग के कार्यालय नहीं मिला पौधा
वृहद पौधरोपण के तहत वन विभाग ने लगभग सभी सरकारी विभागों को पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया था। बावजूद इसके किसी भी विभागीय कार्यालय में नया रोपित पौधा नहीं मिला। यहां तक की वन विभाग के कार्यालय में भी कोई नया पौधा नहीं लगाया गया। बेसिक शिक्षा कार्यालय, डीआईओएस कार्यालय, उप कृषि निदेशक, गन्ना विभाग में पौधों का रोपण नहीं किया गया है। अधिकतर विभागीय अफसरों का कहना है कि इस बार पौधे दूसरी जगह रोपित किए गए हैं। सिकंदराबाद, स्याना, ऊंचागांव और नरौरा क्षेत्र में भी बारिश न होने रोपे गए पौधों की स्थिति ज्यादा खराब हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण पौधे नष्ट हो रहे हैं।
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इस तरह हुआ है पौधरोपण
- शासन से जिले को 42 लाख पौधे लगाने का मिला है लक्ष्य
- पहले चरण में पांच जुलाई को जिले में रोपे गए 30 लाख पौधे
- दूसरे चरण में छह जुलाई को जिले में रोपे गए 3.05 लाख पौधे
- तीसरे चरण में छह जुलाई को जिले में रोपे गए 3.05 लाख पौधे
- चौथे चरण में 15 अगस्त को रोपे जाएंगे 6.11 लाख पौधे
तय की जा रही देखभाल
पौधे लगाने के साथ ही संबंधित विभागों को उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी तय की गई है। इसके बेहतर नतीजे जल्द ही सामने आएंगे। वन महोत्सव की आने वाली तिथियों पर पौधरोपण कार्य और व्यवस्थित तरीके से चलेगा। यदि बारिश हो जाती तो यह समस्या नहीं आती। अधिक से अधिक पौधे बचाने का प्रयास जारी रहेगा। - विनीता सिंह, डीएफओ