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कहीं पहुंची टीम तो कहीं बारिश में धुला मरीज खोजो अभियान
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अनूपशहर में सर्वे टीम ने घरों में जाकर बुखार और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण व कोविड की जानकारी दी।
- फोटो : BULANDSHAHR
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कहीं पहुंची टीम तो कहीं बारिश में धुला मरीज खोजो अभियान
बुलंदशहर। वायरल का प्रकोप बढ़ने पर चलाए जा रहे मरीज खोजो अभियान बृहस्पतिवार को बारिश में धुल गया। अधिकांश स्थानों पर टीम द्वारा खानापूर्ति की गई। खुर्जा और नगर समेत कई स्थानों पर टीम नहीं पहुंची तो शिकारपुर, गुलावठी, ऊंचागांव और अनूपशहर समेत अन्य स्थानों पर बारिश के बीच आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अभियान में जुटे रहे। बृहस्पतिवार को विभागीय अफसरों ने 87,241 घरों का सर्वे करने का दावा किया।
वायरल का प्रकोप बढ़ने पर सात सितंबर से 16 सितंबर तक 10 दिवसीय मरीज खोजो अभियान चलाया गया। इसके तहत 1416 टीमों ने 10 दिन में 6,93,052 घरों का सर्वे कर 2,089 बुखार पीड़ित को रजिस्टर्ड कर उन्हें दवाई आदि दी गई। बृहस्पतिवार को सुबह से दोपहर तक बारिश के बीच 1416 टीम द्वारा 87,241 घरों का सर्वे करने का दावा किया गया। इस दौरान टीम ने 158 बुखार से पीड़ित लोगों के मिलने की पुष्टि की।
सीन एक - गुलावठी (भटौना)
गुलावठी के गांव भटौना में बृहस्पतिवार दोपहर आशा शीला व गीता घर-घर जाकर सर्वे करती मिलीं। इस दौरान टीम द्वारा प्रत्येक घर के सदस्य के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर रिपोर्ट तैयार की। आशा गीता एवं शीला देवी ने बताया कि बुखार, खांसी, जुकाम, टीबी एवं अन्य रोगों से पीड़ित लोगों के अलावा गर्भवती महिला, दो साल से कम उम्र के बच्चे और कोविड टीकाकरण न लगवाने वालों की जानकारी ली। सीएचसी चिकित्सक डॉ. विक्रांत ने बताया कि सर्वे के लिए 20 टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। बीमार लोगों को दवा का वितरण करा दिया जाता है।
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सीन दो - ऊंचागांव
ऊंचागांव में संगिनी मीना बीमार लोगों की जानकारी एकत्र करते मिली। ऊंचागांव सीएचसी प्रभारी डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र के गांव में घर-घर सर्वे करने के लिए 61 टीमों को लगाया गया है, जो बीमार लोगों को चिन्हित करने के साथ बिना टीकाकरण वाले लोग, दो साल से कम उम्र के बच्चे और गर्भवती महिलाओं का डाटा भी एकत्र कर रही हैं।
10 दिन तक अभियान चलाकर घर-घर सर्वे किया गया। इस दौरान 1416 टीमों को जिम्मेदारी दी गई। टीम द्वारा 6,93,052 घरों का सर्वे कर 2705 विभिन्न बीमारियों के मरीजों को खोजा। इनमें 2089 बुखार से पीड़ित शामिल हैं, जहां-जहां टीम द्वारा सर्वे नहीं किया गया है, उसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रोहताश यादव, एसीएमओ/नोडल अधिकारी
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बुलंदशहर। वायरल का प्रकोप बढ़ने पर चलाए जा रहे मरीज खोजो अभियान बृहस्पतिवार को बारिश में धुल गया। अधिकांश स्थानों पर टीम द्वारा खानापूर्ति की गई। खुर्जा और नगर समेत कई स्थानों पर टीम नहीं पहुंची तो शिकारपुर, गुलावठी, ऊंचागांव और अनूपशहर समेत अन्य स्थानों पर बारिश के बीच आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अभियान में जुटे रहे। बृहस्पतिवार को विभागीय अफसरों ने 87,241 घरों का सर्वे करने का दावा किया।
वायरल का प्रकोप बढ़ने पर सात सितंबर से 16 सितंबर तक 10 दिवसीय मरीज खोजो अभियान चलाया गया। इसके तहत 1416 टीमों ने 10 दिन में 6,93,052 घरों का सर्वे कर 2,089 बुखार पीड़ित को रजिस्टर्ड कर उन्हें दवाई आदि दी गई। बृहस्पतिवार को सुबह से दोपहर तक बारिश के बीच 1416 टीम द्वारा 87,241 घरों का सर्वे करने का दावा किया गया। इस दौरान टीम ने 158 बुखार से पीड़ित लोगों के मिलने की पुष्टि की।
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सीन एक - गुलावठी (भटौना)
गुलावठी के गांव भटौना में बृहस्पतिवार दोपहर आशा शीला व गीता घर-घर जाकर सर्वे करती मिलीं। इस दौरान टीम द्वारा प्रत्येक घर के सदस्य के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर रिपोर्ट तैयार की। आशा गीता एवं शीला देवी ने बताया कि बुखार, खांसी, जुकाम, टीबी एवं अन्य रोगों से पीड़ित लोगों के अलावा गर्भवती महिला, दो साल से कम उम्र के बच्चे और कोविड टीकाकरण न लगवाने वालों की जानकारी ली। सीएचसी चिकित्सक डॉ. विक्रांत ने बताया कि सर्वे के लिए 20 टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। बीमार लोगों को दवा का वितरण करा दिया जाता है।
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सीन दो - ऊंचागांव
ऊंचागांव में संगिनी मीना बीमार लोगों की जानकारी एकत्र करते मिली। ऊंचागांव सीएचसी प्रभारी डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र के गांव में घर-घर सर्वे करने के लिए 61 टीमों को लगाया गया है, जो बीमार लोगों को चिन्हित करने के साथ बिना टीकाकरण वाले लोग, दो साल से कम उम्र के बच्चे और गर्भवती महिलाओं का डाटा भी एकत्र कर रही हैं।
10 दिन तक अभियान चलाकर घर-घर सर्वे किया गया। इस दौरान 1416 टीमों को जिम्मेदारी दी गई। टीम द्वारा 6,93,052 घरों का सर्वे कर 2705 विभिन्न बीमारियों के मरीजों को खोजा। इनमें 2089 बुखार से पीड़ित शामिल हैं, जहां-जहां टीम द्वारा सर्वे नहीं किया गया है, उसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रोहताश यादव, एसीएमओ/नोडल अधिकारी